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शनिवार, 12 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन हनुमान जयंती है। पूर्णिमा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में शाम तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 09:10 से 10:46 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

इस दिन के पर्व

शनिवार, 12 अप्रैल

हनुमान जयंती

हनुमान जन्मोत्सव

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का दिन। भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      03:22 से अगले दिन 05:52 तक

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 15:10 से 18:07 तक

    • फिर

      चित्रा

      18:07 – अगले दिन 21:10

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 19:45 से 20:40 तक

    • फिर

      हर्षण

      20:40 – अगले दिन 21:39

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      03:22 से 16:36 तक

    • फिर

      बव

      16:36 – अगले दिन 05:52

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · शनि

00061218काल · 05:58 – 07:34शुभ · 07:34 – 09:10रोग · 09:10 – 10:46उद्वेग · 10:46 – 12:22चल · 12:22 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:33अमृत · 15:33 – 17:09काल · 17:09 – 18:45लाभ · 18:45 – 20:09उद्वेग · 20:09 – 21:33शुभ · 21:33 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:21चल · 00:21 – 01:45रोग · 01:45 – 03:09काल · 03:09 – 04:33लाभ · 04:33 – 05:57चोर · 05:58 – 07:34उद्योग · 07:34 – 09:10विष · 09:10 – 10:46अमृत · 10:46 – 12:22रोग · 12:22 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:33धन · 15:33 – 17:09सुख · 17:09 – 18:45लाभ · 18:45 – 20:09धन · 20:09 – 21:33सुख · 21:33 – 22:57चोर · 22:57 – 00:21उद्योग · 00:21 – 01:45विष · 01:45 – 03:09अमृत · 03:09 – 04:33रोग · 04:33 – 05:57ब्रह्म मुहूर्त · 04:29 – 05:14अभिजित मुहूर्त · 11:56 – 12:47अमृत काल · 11:23 – 13:11राहु काल · 09:10 – 10:46यमगण्ड काल · 13:57 – 15:33गुलिक काल · 05:58 – 07:34वर्ज्यम् · 03:08 – 04:57शनि · 05:58 – 07:02गुरु · 07:02 – 08:06मंगल · 08:06 – 09:10सूर्य · 09:10 – 10:14शुक्र · 10:14 – 11:18बुध · 11:18 – 12:22चंद्र · 12:22 – 13:25शनि · 13:25 – 14:29गुरु · 14:29 – 15:33मंगल · 15:33 – 16:37सूर्य · 16:37 – 17:41शुक्र · 17:41 – 18:45बुध · 18:45 – 19:41चंद्र · 19:41 – 20:37शनि · 20:37 – 21:33गुरु · 21:33 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:25सूर्य · 23:25 – 00:21शुक्र · 00:21 – 01:17बुध · 01:17 – 02:13चंद्र · 02:13 – 03:09शनि · 03:09 – 04:05गुरु · 04:05 – 05:01मंगल · 05:01 – 05:57

12 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
05:58
07:34
09:10
10:46
12:22
13:57
15:33
17:09

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:45
20:09
21:33
22:57
00:21
01:45
03:09
04:33

दिन का गौरी

8·1 घं 36 मि
05:58
07:34
09:10
10:46
12:22
13:57
15:33
17:09

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:45
20:09
21:33
22:57
00:21
01:45
03:09
04:33
04:29–05:14
11:56–12:47
11:23–13:11
09:10–10:46
13:57–15:33
05:58–07:34
03:08–04:57

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:58
07:02
08:06
09:10
10:14
11:18
12:22
13:25
14:29
15:33
16:37
17:41

रात के होरा

12·56 मि
18:45
19:41
20:37
21:33
22:29
23:25
00:21
01:17
02:13
03:09
04:05
05:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
12 अप्रैल 2025 को पूर्णिमा तिथि 13 अप्रैल 05:52 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
12 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
12 अप्रैल 2025 को नक्षत्र हस्त और योग व्याघात है।
12 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है।
12 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:10 से 10:46 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।