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दैनिक पंचांग

आज · गुरुवार, 2 जुलाई 2026

विक्रम संवत् 2083 शक संवत् 1948

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। द्वितीया तिथि 09:38 बजे तक, फिर तृतीया 11:20 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 09:26 बजे तक, उसके बाद श्रवण 11:46 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 16:38 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 16:58 (कल) बजे तक। गर करण 09:38 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:32 बजे तक, फिर विष्टि 11:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:09 से 15:54) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      बीते दिन 07:38 आज 09:38

    • कृष्ण तृतीया

      आज 09:38 अगले दिन 11:20

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      बीते दिन 06:50 आज 09:26

    • श्रवण

      आज 09:26 अगले दिन 11:46

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वैधृति

      बीते दिन 16:03 आज 16:38

    • विष्कुम्भ

      आज 16:38 अगले दिन 16:58

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • गर

      बीते दिन 20:40 आज 09:38

    • वणिज

      आज 09:38 आज 22:32

    • विष्टि

      आज 22:32 अगले दिन 11:20

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

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कृष्ण द्वितीया · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 05:27 – 07:11 रोग · 07:11 – 08:56 उद्वेग · 08:56 – 10:40 चल · 10:40 – 12:25 लाभ · 12:25 – 14:09 अमृत · 14:09 – 15:54 काल · 15:54 – 17:38 शुभ · 17:38 – 19:23 अमृत · 19:23 – 20:38 चल · 20:38 – 21:54 रोग · 21:54 – 23:09 काल · 23:09 – 00:25 लाभ · 00:25 – 01:40 उद्वेग · 01:40 – 02:56 शुभ · 02:56 – 04:12 अमृत · 04:12 – 05:27 शुभ · 05:27 – 07:11 रोग · 07:11 – 08:56 शून्य · 08:56 – 10:40 लाभ · 10:40 – 12:25 काल · 12:25 – 14:09 चल · 14:09 – 15:54 उद्योग · 15:54 – 17:38 अमृत · 17:38 – 19:23 लाभ · 19:23 – 20:38 चल · 20:38 – 21:54 शुभ · 21:54 – 23:09 उद्योग · 23:09 – 00:25 अमृत · 00:25 – 01:40 शून्य · 01:40 – 02:56 रोग · 02:56 – 04:12 काल · 04:12 – 05:27 ब्रह्म मुहूर्त · 04:06 – 04:46 अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:53 अमृत काल · 02:21 – 04:07 राहु काल · 14:09 – 15:54 यमगण्ड काल · 05:27 – 07:11 गुलिक काल · 08:56 – 10:40 वर्ज्यम् · 15:42 – 17:29 गुरु · 05:27 – 06:36 मंगल · 06:36 – 07:46 सूर्य · 07:46 – 08:56 शुक्र · 08:56 – 10:05 बुध · 10:05 – 11:15 चंद्र · 11:15 – 12:25 शनि · 12:25 – 13:34 गुरु · 13:34 – 14:44 मंगल · 14:44 – 15:54 सूर्य · 15:54 – 17:03 शुक्र · 17:03 – 18:13 बुध · 18:13 – 19:23 चंद्र · 19:23 – 20:13 शनि · 20:13 – 21:03 गुरु · 21:03 – 21:54 मंगल · 21:54 – 22:44 सूर्य · 22:44 – 23:34 शुक्र · 23:34 – 00:25 बुध · 00:25 – 01:15 चंद्र · 01:15 – 02:06 शनि · 02:06 – 02:56 गुरु · 02:56 – 03:46 मंगल · 03:46 – 04:37 सूर्य · 04:37 – 05:27

20:13:02

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:27
07:11
08:56
10:40
12:25
14:09
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:23
20:38
21:54
23:09
00:25
01:40
02:56
04:12

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:27
07:11
08:56
10:40
12:25
14:09
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:23
20:38
21:54
23:09
00:25
01:40
02:56
04:12
04:06 04:46
11:57 12:53
02:21 04:07
14:09 15:54
05:27 07:11
08:56 10:40
15:42 17:29

दिन के घंटे

12 · 1 घं 10 मि
05:27
06:36
07:46
08:56
10:05
11:15
12:25
13:34
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के घंटे

12 · 50 मि
19:23
20:13
21:03
21:54
22:44
23:34
00:25
01:15
02:06
02:56
03:46
04:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
2 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
2 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
2 जुलाई 2026 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग वैधृति है।
2 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर तथा सूर्यास्त 19:23 पर होगा।
2 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:09–15:54 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
प्रतिपदा
2
द्वितीया
3
तृतीया
4
चतुर्थी
5
पंचमी
6
षष्ठी
7
सप्तमी
8
अष्टमी
9
नवमी
10
दशमी
11
द्वादशी
12
त्रयोदशी
13
चतुर्दशी
14
अमावस्या
15
प्रतिपदा
16
द्वितीया
17
तृतीया
18
पंचमी
19
षष्ठी
20
सप्तमी
21
अष्टमी
22
नवमी
23
नवमी
24
दशमी
25
पुत्रदा एकादशी
26
द्वादशी
27
त्रयोदशी
28
चतुर्दशी गुरु पूर्णिमा
29
पूर्णिमा
30
प्रतिपदा
31
द्वितीया

आज गुरुवार, 2 जुलाई 2026 कृष्ण द्वितीया उत्तर आषाढ़ा