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मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। द्वादशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 15:33 से 17:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      01:09 से अगले दिन 00:12 तक

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 16:03 से 16:06 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      16:06 – अगले दिन 15:22

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 17:16 से 15:39 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      15:39 – अगले दिन 13:25

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      01:09 से 12:46 तक

    • फिर

      तैतिल

      12:46 – अगले दिन 00:12

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · मंगल

00061218रोग · 05:57 – 07:33उद्वेग · 07:33 – 09:09चल · 09:09 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:21अमृत · 12:21 – 13:57काल · 13:57 – 15:33शुभ · 15:33 – 17:10रोग · 17:10 – 18:46काल · 18:46 – 20:09लाभ · 20:09 – 21:33उद्वेग · 21:33 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:21अमृत · 00:21 – 01:44चल · 01:44 – 03:08रोग · 03:08 – 04:32काल · 04:32 – 05:56रोग · 05:57 – 07:33लाभ · 07:33 – 09:09धन · 09:09 – 10:45सुख · 10:45 – 12:21चोर · 12:21 – 13:57उद्योग · 13:57 – 15:33विष · 15:33 – 17:10अमृत · 17:10 – 18:46चोर · 18:46 – 20:09उद्योग · 20:09 – 21:33विष · 21:33 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:21रोग · 00:21 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:08धन · 03:08 – 04:32सुख · 04:32 – 05:56ब्रह्म मुहूर्त · 04:27 – 05:12अभिजित मुहूर्त · 11:56 – 12:47अमृत काल · 08:53 – 10:29राहु काल · 15:33 – 17:10यमगण्ड काल · 09:09 – 10:45गुलिक काल · 12:21 – 13:57वर्ज्यम् · 22:18 – 23:51मंगल · 05:57 – 07:01सूर्य · 07:01 – 08:05शुक्र · 08:05 – 09:09बुध · 09:09 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:17शनि · 11:17 – 12:21गुरु · 12:21 – 13:25मंगल · 13:25 – 14:29सूर्य · 14:29 – 15:33शुक्र · 15:33 – 16:38बुध · 16:38 – 17:42चंद्र · 17:42 – 18:46शनि · 18:46 – 19:42गुरु · 19:42 – 20:37मंगल · 20:37 – 21:33सूर्य · 21:33 – 22:29शुक्र · 22:29 – 23:25बुध · 23:25 – 00:21चंद्र · 00:21 – 01:16शनि · 01:16 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:08मंगल · 03:08 – 04:04सूर्य · 04:04 – 05:00शुक्र · 05:00 – 05:56

14 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
05:57
07:33
09:09
10:45
12:21
13:57
15:33
17:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:46
20:09
21:33
22:57
00:21
01:44
03:08
04:32

दिन का गौरी

8·1 घं 36 मि
05:57
07:33
09:09
10:45
12:21
13:57
15:33
17:10

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:46
20:09
21:33
22:57
00:21
01:44
03:08
04:32
04:27–05:12
11:56–12:47
08:53–10:29
15:33–17:10
09:09–10:45
12:21–13:57
22:18–23:51

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:57
07:01
08:05
09:09
10:13
11:17
12:21
13:25
14:29
15:33
16:38
17:42

रात के होरा

12·56 मि
18:46
19:42
20:37
21:33
22:29
23:25
00:21
01:16
02:12
03:08
04:04
05:00

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
14 अप्रैल 2026 को कृष्ण द्वादशी तिथि 15 अप्रैल 00:12 तक है, फिर कृष्ण त्रयोदशी आरंभ होती है।
14 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
14 अप्रैल 2026 को नक्षत्र शतभिषा और योग शुक्ल है।
14 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है।
14 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:33 से 17:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।