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गुरुवार, 15 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन राम नवमी है। नवमी तिथि दोपहर तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में सुबह तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 13:57 से 15:34 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

इस दिन के पर्व

गुरुवार, 15 अप्रैल

राम नवमी

मध्याह्न11:04 – 13:21

श्रीराम का जन्म मध्याह्न में हुआ, इसलिए पूजा और जन्मोत्सव मध्याह्न काल में मनाया जाता है।

भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्मोत्सव। रामायण पाठ, मंदिर दर्शन और भजन-कीर्तन के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 15:24 से 13:21 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      13:21 – अगले दिन 11:22

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 10:52 से 09:33 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      09:33 – अगले दिन 08:18

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • धृति

      पिछले दिन 11:10 से 08:23 तक

    • फिर

      शूल

      08:23 – अगले दिन 05:38

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      02:22 से 13:21 तक

    • फिर

      तैतिल

      13:21 – अगले दिन 00:21

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · गुरु

00061218शुभ · 05:56 – 07:32रोग · 07:32 – 09:08उद्वेग · 09:08 – 10:45चल · 10:45 – 12:21लाभ · 12:21 – 13:57अमृत · 13:57 – 15:34काल · 15:34 – 17:10शुभ · 17:10 – 18:46अमृत · 18:46 – 20:10चल · 20:10 – 21:33रोग · 21:33 – 22:57काल · 22:57 – 00:21लाभ · 00:21 – 01:44उद्वेग · 01:44 – 03:08शुभ · 03:08 – 04:31अमृत · 04:31 – 05:55धन · 05:56 – 07:32सुख · 07:32 – 09:08चोर · 09:08 – 10:45उद्योग · 10:45 – 12:21अमृत · 12:21 – 13:57विष · 13:57 – 15:34रोग · 15:34 – 17:10लाभ · 17:10 – 18:46अमृत · 18:46 – 20:10विष · 20:10 – 21:33रोग · 21:33 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:21धन · 00:21 – 01:44सुख · 01:44 – 03:08चोर · 03:08 – 04:31उद्योग · 04:31 – 05:55ब्रह्म मुहूर्त · 04:26 – 05:11अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:47राहु काल · 13:57 – 15:34यमगण्ड काल · 05:56 – 07:32गुलिक काल · 09:08 – 10:45वर्ज्यम् · 21:41 – 23:12गुरु · 05:56 – 07:00मंगल · 07:00 – 08:04सूर्य · 08:04 – 09:08शुक्र · 09:08 – 10:13बुध · 10:13 – 11:17चंद्र · 11:17 – 12:21शनि · 12:21 – 13:25गुरु · 13:25 – 14:29मंगल · 14:29 – 15:34सूर्य · 15:34 – 16:38शुक्र · 16:38 – 17:42बुध · 17:42 – 18:46चंद्र · 18:46 – 19:42शनि · 19:42 – 20:38गुरु · 20:38 – 21:33मंगल · 21:33 – 22:29सूर्य · 22:29 – 23:25शुक्र · 23:25 – 00:21बुध · 00:21 – 01:16चंद्र · 01:16 – 02:12शनि · 02:12 – 03:08गुरु · 03:08 – 04:03मंगल · 04:03 – 04:59सूर्य · 04:59 – 05:55

15 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
05:56
07:32
09:08
10:45
12:21
13:57
15:34
17:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:46
20:10
21:33
22:57
00:21
01:44
03:08
04:31

दिन का गौरी

8·1 घं 36 मि
05:56
07:32
09:08
10:45
12:21
13:57
15:34
17:10

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:46
20:10
21:33
22:57
00:21
01:44
03:08
04:31
04:26–05:11
11:55–12:47
13:57–15:34
05:56–07:32
09:08–10:45
21:41–23:12

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:56
07:00
08:04
09:08
10:13
11:17
12:21
13:25
14:29
15:34
16:38
17:42

रात के होरा

12·56 मि
18:46
19:42
20:38
21:33
22:29
23:25
00:21
01:16
02:12
03:08
04:03
04:59

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
15 अप्रैल 2027 को शुक्ल नवमी तिथि 13:21 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
15 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
15 अप्रैल 2027 को नक्षत्र पुष्य और योग धृति है।
15 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है।
15 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:57 से 15:34 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।