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शनिवार, 17 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। कामदा एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 09:07 से 10:44 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कामदा एकादशी

      पिछले दिन 11:22 से 09:28 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      09:28 – अगले दिन 07:42

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 08:18 से 07:08 तक

    • फिर

      पूर्व फाल्गुनी

      07:08 – अगले दिन 06:05

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वृद्धि

      02:58 से अगले दिन 00:24 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 22:24 से 09:28 तक

    • फिर

      बव

      09:28 – 20:34

    • फिर

      बालव

      20:34 – अगले दिन 07:42

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · शनि

00061218काल · 05:54 – 07:30शुभ · 07:30 – 09:07रोग · 09:07 – 10:44उद्वेग · 10:44 – 12:21चल · 12:21 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:34अमृत · 15:34 – 17:11काल · 17:11 – 18:47लाभ · 18:47 – 20:11उद्वेग · 20:11 – 21:34शुभ · 21:34 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:20चल · 00:20 – 01:43रोग · 01:43 – 03:06काल · 03:06 – 04:30लाभ · 04:30 – 05:53चोर · 05:54 – 07:30उद्योग · 07:30 – 09:07विष · 09:07 – 10:44अमृत · 10:44 – 12:21रोग · 12:21 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:34धन · 15:34 – 17:11सुख · 17:11 – 18:47लाभ · 18:47 – 20:11धन · 20:11 – 21:34सुख · 21:34 – 22:57चोर · 22:57 – 00:20उद्योग · 00:20 – 01:43विष · 01:43 – 03:06अमृत · 03:06 – 04:30रोग · 04:30 – 05:53ब्रह्म मुहूर्त · 04:25 – 05:09अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:46अमृत काल · 04:51 – 06:22राहु काल · 09:07 – 10:44यमगण्ड काल · 13:57 – 15:34गुलिक काल · 05:54 – 07:30वर्ज्यम् · 14:47 – 16:19शनि · 05:54 – 06:58गुरु · 06:58 – 08:03मंगल · 08:03 – 09:07सूर्य · 09:07 – 10:12शुक्र · 10:12 – 11:16बुध · 11:16 – 12:21चंद्र · 12:21 – 13:25शनि · 13:25 – 14:30गुरु · 14:30 – 15:34मंगल · 15:34 – 16:38सूर्य · 16:38 – 17:43शुक्र · 17:43 – 18:47बुध · 18:47 – 19:43चंद्र · 19:43 – 20:38शनि · 20:38 – 21:34गुरु · 21:34 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:25सूर्य · 23:25 – 00:20शुक्र · 00:20 – 01:15बुध · 01:15 – 02:11चंद्र · 02:11 – 03:06शनि · 03:06 – 04:02गुरु · 04:02 – 04:57मंगल · 04:57 – 05:53

17 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
05:54
07:30
09:07
10:44
12:21
13:57
15:34
17:11

रात का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
18:47
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:30

दिन का गौरी

8·1 घं 37 मि
05:54
07:30
09:07
10:44
12:21
13:57
15:34
17:11

रात का गौरी

8·1 घं 23 मि
18:47
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:30
04:25–05:09
11:55–12:46
04:51–06:22
09:07–10:44
13:57–15:34
05:54–07:30
14:47–16:19

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:54
06:58
08:03
09:07
10:12
11:16
12:21
13:25
14:30
15:34
16:38
17:43

रात के होरा

12·55 मि
18:47
19:43
20:38
21:34
22:29
23:25
00:20
01:15
02:11
03:06
04:02
04:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
17 अप्रैल 2027 को कामदा एकादशी तिथि 09:28 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
17 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
17 अप्रैल 2027 को नक्षत्र मघा और योग वृद्धि है।
17 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है।
17 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:07 से 10:44 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।