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बुधवार, 21 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर विशाखा में। राहु काल 12:20 से 13:57 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      03:57 से अगले दिन 03:30 तक

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति · पाद 1

      04:28 से अगले दिन 04:44 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वज्र

      पिछले दिन 17:47 से 16:10 तक

    • फिर

      सिद्धि

      16:10 – अगले दिन 14:57

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      03:57 से 15:39 तक

    • फिर

      कौलव

      15:39 – अगले दिन 03:30

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · बुध

00061218लाभ · 05:50 – 07:27अमृत · 07:27 – 09:05काल · 09:05 – 10:42शुभ · 10:42 – 12:20रोग · 12:20 – 13:57उद्वेग · 13:57 – 15:35चल · 15:35 – 17:12लाभ · 17:12 – 18:50उद्वेग · 18:50 – 20:12शुभ · 20:12 – 21:34अमृत · 21:34 – 22:57चल · 22:57 – 00:19रोग · 00:19 – 01:42काल · 01:42 – 03:04लाभ · 03:04 – 04:26उद्वेग · 04:26 – 05:49लाभ · 05:50 – 07:27धन · 07:27 – 09:05सुख · 09:05 – 10:42चोर · 10:42 – 12:20विष · 12:20 – 13:57उद्योग · 13:57 – 15:35अमृत · 15:35 – 17:12रोग · 17:12 – 18:50उद्योग · 18:50 – 20:12अमृत · 20:12 – 21:34रोग · 21:34 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:19धन · 00:19 – 01:42सुख · 01:42 – 03:04चोर · 03:04 – 04:26विष · 04:26 – 05:49ब्रह्म मुहूर्त · 04:22 – 05:06अमृत काल · 19:50 – 21:27राहु काल · 12:20 – 13:57यमगण्ड काल · 07:27 – 09:05गुलिक काल · 10:42 – 12:20वर्ज्यम् · 10:08 – 11:45बुध · 05:50 – 06:55चंद्र · 06:55 – 08:00शनि · 08:00 – 09:05गुरु · 09:05 – 10:10मंगल · 10:10 – 11:15सूर्य · 11:15 – 12:20शुक्र · 12:20 – 13:25बुध · 13:25 – 14:30चंद्र · 14:30 – 15:35शनि · 15:35 – 16:40गुरु · 16:40 – 17:45मंगल · 17:45 – 18:50सूर्य · 18:50 – 19:45शुक्र · 19:45 – 20:40बुध · 20:40 – 21:34चंद्र · 21:34 – 22:29शनि · 22:29 – 23:24गुरु · 23:24 – 00:19मंगल · 00:19 – 01:14सूर्य · 01:14 – 02:09शुक्र · 02:09 – 03:04बुध · 03:04 – 03:59चंद्र · 03:59 – 04:54शनि · 04:54 – 05:49

21 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:50
07:27
09:05
10:42
12:20
13:57
15:35
17:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:50
20:12
21:34
22:57
00:19
01:42
03:04
04:26

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:50
07:27
09:05
10:42
12:20
13:57
15:35
17:12

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:50
20:12
21:34
22:57
00:19
01:42
03:04
04:26
04:22–05:06
19:50–21:27
12:20–13:57
07:27–09:05
10:42–12:20
10:08–11:45

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:50
06:55
08:00
09:05
10:10
11:15
12:20
13:25
14:30
15:35
16:40
17:45

रात के होरा

12·55 मि
18:50
19:45
20:40
21:34
22:29
23:24
00:19
01:14
02:09
03:04
03:59
04:54

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
21 अप्रैल 2027 को कृष्ण प्रतिपदा तिथि 22 अप्रैल 03:30 तक है, फिर कृष्ण द्वितीया आरंभ होती है।
21 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
21 अप्रैल 2027 को नक्षत्र स्वाति और योग वज्र है।
21 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है।
21 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:20 से 13:57 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।