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बुधवार, 22 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। षष्ठी तिथि रात तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में रात तक है, फिर पुनर्वसु में। राहु काल 12:19 से 13:57 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल षष्ठी

      01:20 से 22:49 तक

    • फिर

      शुक्ल सप्तमी

      22:49 – अगले दिन 20:49

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 23:58 से 22:13 तक

    • फिर

      पुनर्वसु

      22:13 – अगले दिन 20:57

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • अतिगण्ड

      पिछले दिन 12:31 से 09:08 तक

    • फिर

      सुकर्मा

      09:08 – अगले दिन 06:07

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      01:20 से 12:01 तक

    • फिर

      तैतिल

      12:01 – 22:49

    • फिर

      गर

      22:49 – अगले दिन 09:45

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल षष्ठी · बुध

00061218लाभ · 05:48 – 07:26अमृत · 07:26 – 09:04काल · 09:04 – 10:42शुभ · 10:42 – 12:19रोग · 12:19 – 13:57उद्वेग · 13:57 – 15:35चल · 15:35 – 17:13लाभ · 17:13 – 18:50उद्वेग · 18:50 – 20:13शुभ · 20:13 – 21:35अमृत · 21:35 – 22:57चल · 22:57 – 00:19रोग · 00:19 – 01:41काल · 01:41 – 03:03लाभ · 03:03 – 04:25उद्वेग · 04:25 – 05:47लाभ · 05:48 – 07:26धन · 07:26 – 09:04सुख · 09:04 – 10:42चोर · 10:42 – 12:19विष · 12:19 – 13:57उद्योग · 13:57 – 15:35अमृत · 15:35 – 17:13रोग · 17:13 – 18:50उद्योग · 18:50 – 20:13अमृत · 20:13 – 21:35रोग · 21:35 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:19धन · 00:19 – 01:41सुख · 01:41 – 03:03चोर · 03:03 – 04:25विष · 04:25 – 05:47ब्रह्म मुहूर्त · 04:21 – 05:05अमृत काल · 12:57 – 14:26राहु काल · 12:19 – 13:57यमगण्ड काल · 07:26 – 09:04गुलिक काल · 10:42 – 12:19वर्ज्यम् · 07:45 – 09:14बुध · 05:48 – 06:54चंद्र · 06:54 – 07:59शनि · 07:59 – 09:04गुरु · 09:04 – 10:09मंगल · 10:09 – 11:14सूर्य · 11:14 – 12:19शुक्र · 12:19 – 13:25बुध · 13:25 – 14:30चंद्र · 14:30 – 15:35शनि · 15:35 – 16:40गुरु · 16:40 – 17:45मंगल · 17:45 – 18:50सूर्य · 18:50 – 19:45शुक्र · 19:45 – 20:40बुध · 20:40 – 21:35चंद्र · 21:35 – 22:29शनि · 22:29 – 23:24गुरु · 23:24 – 00:19मंगल · 00:19 – 01:14सूर्य · 01:14 – 02:08शुक्र · 02:08 – 03:03बुध · 03:03 – 03:58चंद्र · 03:58 – 04:53शनि · 04:53 – 05:47

22 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:48
07:26
09:04
10:42
12:19
13:57
15:35
17:13

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:50
20:13
21:35
22:57
00:19
01:41
03:03
04:25

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:48
07:26
09:04
10:42
12:19
13:57
15:35
17:13

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:50
20:13
21:35
22:57
00:19
01:41
03:03
04:25
04:21–05:05
12:57–14:26
12:19–13:57
07:26–09:04
10:42–12:19
07:45–09:14

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:48
06:54
07:59
09:04
10:09
11:14
12:19
13:25
14:30
15:35
16:40
17:45

रात के होरा

12·55 मि
18:50
19:45
20:40
21:35
22:29
23:24
00:19
01:14
02:08
03:03
03:58
04:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
22 अप्रैल 2026 को शुक्ल षष्ठी तिथि 22:49 तक है, फिर शुक्ल सप्तमी आरंभ होती है।
22 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
22 अप्रैल 2026 को नक्षत्र आर्द्रा और योग अतिगण्ड है।
22 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है।
22 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:19 से 13:57 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।