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शनिवार, 24 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर ज्येष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 09:03 से 10:41 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

इस दिन के पर्व

शनिवार, 24 अप्रैल

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय22:26

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      04:21 से अगले दिन 05:42 तक

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 05:32 से 06:57 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      06:57 – अगले दिन 08:57

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 14:13 से 13:58 तक

    • फिर

      परिघ

      13:58 – अगले दिन 14:11

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      04:21 से 16:57 तक

    • फिर

      बालव

      16:57 – अगले दिन 05:42

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · शनि

00061218काल · 05:47 – 07:25शुभ · 07:25 – 09:03रोग · 09:03 – 10:41उद्वेग · 10:41 – 12:19चल · 12:19 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:35अमृत · 15:35 – 17:13काल · 17:13 – 18:51लाभ · 18:51 – 20:13उद्वेग · 20:13 – 21:35शुभ · 21:35 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:19चल · 00:19 – 01:40रोग · 01:40 – 03:02काल · 03:02 – 04:24लाभ · 04:24 – 05:46चोर · 05:47 – 07:25उद्योग · 07:25 – 09:03विष · 09:03 – 10:41अमृत · 10:41 – 12:19रोग · 12:19 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:35धन · 15:35 – 17:13सुख · 17:13 – 18:51लाभ · 18:51 – 20:13धन · 20:13 – 21:35सुख · 21:35 – 22:57चोर · 22:57 – 00:19उद्योग · 00:19 – 01:40विष · 01:40 – 03:02अमृत · 03:02 – 04:24रोग · 04:24 – 05:46ब्रह्म मुहूर्त · 04:19 – 05:03अभिजित मुहूर्त · 11:53 – 12:45अमृत काल · 23:25 – 01:09राहु काल · 09:03 – 10:41यमगण्ड काल · 13:57 – 15:35गुलिक काल · 05:47 – 07:25वर्ज्यम् · 13:01 – 14:45शनि · 05:47 – 06:52गुरु · 06:52 – 07:58मंगल · 07:58 – 09:03सूर्य · 09:03 – 10:08शुक्र · 10:08 – 11:14बुध · 11:14 – 12:19चंद्र · 12:19 – 13:24शनि · 13:24 – 14:30गुरु · 14:30 – 15:35मंगल · 15:35 – 16:41सूर्य · 16:41 – 17:46शुक्र · 17:46 – 18:51बुध · 18:51 – 19:46चंद्र · 19:46 – 20:41शनि · 20:41 – 21:35गुरु · 21:35 – 22:30मंगल · 22:30 – 23:24सूर्य · 23:24 – 00:19शुक्र · 00:19 – 01:13बुध · 01:13 – 02:08चंद्र · 02:08 – 03:02शनि · 03:02 – 03:57गुरु · 03:57 – 04:51मंगल · 04:51 – 05:46

24 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:47
07:25
09:03
10:41
12:19
13:57
15:35
17:13

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:51
20:13
21:35
22:57
00:19
01:40
03:02
04:24

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:47
07:25
09:03
10:41
12:19
13:57
15:35
17:13

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:51
20:13
21:35
22:57
00:19
01:40
03:02
04:24
04:19–05:03
11:53–12:45
23:25–01:09
09:03–10:41
13:57–15:35
05:47–07:25
13:01–14:45

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:47
06:52
07:58
09:03
10:08
11:14
12:19
13:24
14:30
15:35
16:41
17:46

रात के होरा

12·55 मि
18:51
19:46
20:41
21:35
22:30
23:24
00:19
01:13
02:08
03:02
03:57
04:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
24 अप्रैल 2027 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 25 अप्रैल 05:42 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
24 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
24 अप्रैल 2027 को नक्षत्र अनुराधा और योग वरीयान् है।
24 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है।
24 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:03 से 10:41 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।