मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 7 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि हैं। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में शाम तक है, फिर अश्विनी में। राहु काल 12:23 से 13:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मीन राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 7 अप्रैल

गुड़ी पड़वा

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

महाराष्ट्रगोवा

दक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।

चैत्र नवरात्रि

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ रातें, हिन्दू चंद्र वर्ष का आरंभ। उपवास, प्रार्थना और भक्ति संगीत के साथ मनाई जाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      05:21 से अगले दिन 04:28 तक

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन 18:23 से 18:25 तक

    • फिर

      अश्विनी

      18:25 – अगले दिन 17:59

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 08:51 से 07:26 तक

    • फिर

      वैधृति

      07:26 – अगले दिन 05:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • किंस्तुघ्न

      05:21 से 16:58 तक

    • फिर

      बव

      16:58 – अगले दिन 04:28

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · बुध

00061218लाभ · 06:05 – 07:39अमृत · 07:39 – 09:14काल · 09:14 – 10:48शुभ · 10:48 – 12:23रोग · 12:23 – 13:58उद्वेग · 13:58 – 15:32चल · 15:32 – 17:07लाभ · 17:07 – 18:42उद्वेग · 18:42 – 20:07शुभ · 20:07 – 21:32अमृत · 21:32 – 22:57चल · 22:57 – 00:23रोग · 00:23 – 01:48काल · 01:48 – 03:13लाभ · 03:13 – 04:38उद्वेग · 04:38 – 06:03लाभ · 06:05 – 07:39धन · 07:39 – 09:14सुख · 09:14 – 10:48चोर · 10:48 – 12:23विष · 12:23 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:32अमृत · 15:32 – 17:07रोग · 17:07 – 18:42उद्योग · 18:42 – 20:07अमृत · 20:07 – 21:32रोग · 21:32 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:23धन · 00:23 – 01:48सुख · 01:48 – 03:13चोर · 03:13 – 04:38विष · 04:38 – 06:03ब्रह्म मुहूर्त · 04:33 – 05:19अमृत काल · 16:01 – 17:37राहु काल · 12:23 – 13:58यमगण्ड काल · 07:39 – 09:14गुलिक काल · 10:48 – 12:23वर्ज्यम् · 06:24 – 08:00बुध · 06:05 – 07:08चंद्र · 07:08 – 08:11शनि · 08:11 – 09:14गुरु · 09:14 – 10:17मंगल · 10:17 – 11:20सूर्य · 11:20 – 12:23शुक्र · 12:23 – 13:26बुध · 13:26 – 14:29चंद्र · 14:29 – 15:32शनि · 15:32 – 16:36गुरु · 16:36 – 17:39मंगल · 17:39 – 18:42सूर्य · 18:42 – 19:39शुक्र · 19:39 – 20:35बुध · 20:35 – 21:32चंद्र · 21:32 – 22:29शनि · 22:29 – 23:26गुरु · 23:26 – 00:23मंगल · 00:23 – 01:19सूर्य · 01:19 – 02:16शुक्र · 02:16 – 03:13बुध · 03:13 – 04:10चंद्र · 04:10 – 05:07शनि · 05:07 – 06:03

7 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:05
07:39
09:14
10:48
12:23
13:58
15:32
17:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:42
20:07
21:32
22:57
00:23
01:48
03:13
04:38

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:05
07:39
09:14
10:48
12:23
13:58
15:32
17:07

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:42
20:07
21:32
22:57
00:23
01:48
03:13
04:38
04:33–05:19
16:01–17:37
12:23–13:58
07:39–09:14
10:48–12:23
06:24–08:00

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:05
07:08
08:11
09:14
10:17
11:20
12:23
13:26
14:29
15:32
16:36
17:39

रात के होरा

12·57 मि
18:42
19:39
20:35
21:32
22:29
23:26
00:23
01:19
02:16
03:13
04:10
05:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
7 अप्रैल 2027 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल 04:28 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
7 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
7 अप्रैल 2027 को नक्षत्र रेवती और योग ऐन्द्र है।
7 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है।
7 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:23 से 13:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।