मुख्य सामग्री पर जाएँ

मंगलवार, 8 अप्रैल 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। कामदा एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मघा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 15:33 से 17:08 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कामदा एकादशी

      पिछले दिन 20:00 से 21:13 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      21:13 – अगले दिन 22:55

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 06:24 से 07:55 तक

    • फिर

      मघा

      07:55 – अगले दिन 09:57

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 18:18 से 18:10 तक

    • फिर

      गण्ड

      18:10 – अगले दिन 18:25

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन 20:00 से 08:32 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:32 – 21:13

    • फिर

      बव

      21:13 – अगले दिन 10:01

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · मंगल

00061218रोग · 06:03 – 07:38उद्वेग · 07:38 – 09:13चल · 09:13 – 10:48लाभ · 10:48 – 12:23अमृत · 12:23 – 13:58काल · 13:58 – 15:33शुभ · 15:33 – 17:08रोग · 17:08 – 18:43काल · 18:43 – 20:07लाभ · 20:07 – 21:32उद्वेग · 21:32 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:22अमृत · 00:22 – 01:47चल · 01:47 – 03:12रोग · 03:12 – 04:37काल · 04:37 – 06:02रोग · 06:03 – 07:38लाभ · 07:38 – 09:13धन · 09:13 – 10:48सुख · 10:48 – 12:23चोर · 12:23 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:33विष · 15:33 – 17:08अमृत · 17:08 – 18:43चोर · 18:43 – 20:07उद्योग · 20:07 – 21:32विष · 21:32 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:22रोग · 00:22 – 01:47लाभ · 01:47 – 03:12धन · 03:12 – 04:37सुख · 04:37 – 06:02ब्रह्म मुहूर्त · 04:32 – 05:17अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48अमृत काल · 06:13 – 07:55राहु काल · 15:33 – 17:08यमगण्ड काल · 09:13 – 10:48गुलिक काल · 12:23 – 13:58वर्ज्यम् · 20:56 – 22:40मंगल · 06:03 – 07:06सूर्य · 07:06 – 08:09शुक्र · 08:09 – 09:13बुध · 09:13 – 10:16चंद्र · 10:16 – 11:19शनि · 11:19 – 12:23गुरु · 12:23 – 13:26मंगल · 13:26 – 14:29सूर्य · 14:29 – 15:33शुक्र · 15:33 – 16:36बुध · 16:36 – 17:39चंद्र · 17:39 – 18:43शनि · 18:43 – 19:39गुरु · 19:39 – 20:36मंगल · 20:36 – 21:32सूर्य · 21:32 – 22:29शुक्र · 22:29 – 23:26बुध · 23:26 – 00:22चंद्र · 00:22 – 01:19शनि · 01:19 – 02:15गुरु · 02:15 – 03:12मंगल · 03:12 – 04:09सूर्य · 04:09 – 05:05शुक्र · 05:05 – 06:02

8 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:03
07:38
09:13
10:48
12:23
13:58
15:33
17:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:43
20:07
21:32
22:57
00:22
01:47
03:12
04:37

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:03
07:38
09:13
10:48
12:23
13:58
15:33
17:08

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:43
20:07
21:32
22:57
00:22
01:47
03:12
04:37
04:32–05:17
11:57–12:48
06:13–07:55
15:33–17:08
09:13–10:48
12:23–13:58
20:56–22:40

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:03
07:06
08:09
09:13
10:16
11:19
12:23
13:26
14:29
15:33
16:36
17:39

रात के होरा

12·57 मि
18:43
19:39
20:36
21:32
22:29
23:26
00:22
01:19
02:15
03:12
04:09
05:05

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
8 अप्रैल 2025 को कामदा एकादशी तिथि 21:13 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
8 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
8 अप्रैल 2025 को नक्षत्र आश्लेषा और योग शूल है।
8 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है।
8 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:33 से 17:08 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।