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बुधवार, 13 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्थी तिथि सुबह तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर रेवती में। राहु काल 12:25 से 14:04 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 08:41 से 06:36 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      06:36 – अगले दिन 04:24

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 11:52 से 10:32 तक

    • फिर

      रेवती

      10:32 – अगले दिन 09:06

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • धृति

      पिछले दिन 18:53 से 16:05 तक

    • फिर

      शूल

      16:05 – अगले दिन 13:12

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 19:40 से 06:36 तक

    • फिर

      कौलव

      06:36 – 17:31

    • फिर

      तैतिल

      17:31 – अगले दिन 04:24

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · बुध

00061218लाभ · 05:49 – 07:28अमृत · 07:28 – 09:07काल · 09:07 – 10:46शुभ · 10:46 – 12:25रोग · 12:25 – 14:04उद्वेग · 14:04 – 15:44चल · 15:44 – 17:23लाभ · 17:23 – 19:02उद्वेग · 19:02 – 20:23शुभ · 20:23 – 21:44अमृत · 21:44 – 23:05चल · 23:05 – 00:26रोग · 00:26 – 01:47काल · 01:47 – 03:08लाभ · 03:08 – 04:28उद्वेग · 04:28 – 05:49लाभ · 05:49 – 07:28धन · 07:28 – 09:07सुख · 09:07 – 10:46चोर · 10:46 – 12:25विष · 12:25 – 14:04उद्योग · 14:04 – 15:44अमृत · 15:44 – 17:23रोग · 17:23 – 19:02उद्योग · 19:02 – 20:23अमृत · 20:23 – 21:44रोग · 21:44 – 23:05लाभ · 23:05 – 00:26धन · 00:26 – 01:47सुख · 01:47 – 03:08चोर · 03:08 – 04:28विष · 04:28 – 05:49ब्रह्म मुहूर्त · 04:23 – 05:06अमृत काल · 06:00 – 07:31राहु काल · 12:25 – 14:04यमगण्ड काल · 07:28 – 09:07गुलिक काल · 10:46 – 12:25वर्ज्यम् · 21:49 – 23:19बुध · 05:49 – 06:55चंद्र · 06:55 – 08:01शनि · 08:01 – 09:07गुरु · 09:07 – 10:13मंगल · 10:13 – 11:19सूर्य · 11:19 – 12:25शुक्र · 12:25 – 13:31बुध · 13:31 – 14:37चंद्र · 14:37 – 15:44शनि · 15:44 – 16:50गुरु · 16:50 – 17:56मंगल · 17:56 – 19:02सूर्य · 19:02 – 19:56शुक्र · 19:56 – 20:50बुध · 20:50 – 21:44चंद्र · 21:44 – 22:38शनि · 22:38 – 23:32गुरु · 23:32 – 00:26मंगल · 00:26 – 01:20सूर्य · 01:20 – 02:14शुक्र · 02:14 – 03:08बुध · 03:08 – 04:01चंद्र · 04:01 – 04:55शनि · 04:55 – 05:49

13 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:44
17:23

रात का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
19:02
20:23
21:44
23:05
00:26
01:47
03:08
04:28

दिन का गौरी

8·1 घं 39 मि
05:49
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:44
17:23

रात का गौरी

8·1 घं 21 मि
19:02
20:23
21:44
23:05
00:26
01:47
03:08
04:28
04:23–05:06
06:00–07:31
12:25–14:04
07:28–09:07
10:46–12:25
21:49–23:19

दिन के होरा

12·1 घं 6 मि
05:49
06:55
08:01
09:07
10:13
11:19
12:25
13:31
14:37
15:44
16:50
17:56

रात के होरा

12·54 मि
19:02
19:56
20:50
21:44
22:38
23:32
00:26
01:20
02:14
03:08
04:01
04:55

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
13 अगस्त 2025 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 06:36 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
13 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
13 अगस्त 2025 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग धृति है।
13 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है।
13 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:25 से 14:04 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।