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मंगलवार, 19 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। अजा एकादशी तिथि दोपहर तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पुनर्वसु में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 15:40 से 17:18 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अजा एकादशी

      पिछले दिन 17:22 से 15:33 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      15:33 – अगले दिन 13:58

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा · पाद 1

      02:06 से अगले दिन 01:07 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      पिछले दिन 22:59 से 20:29 तक

    • फिर

      सिद्धि

      20:29 – अगले दिन 18:13

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      04:26 से 15:33 तक

    • फिर

      कौलव

      15:33 – अगले दिन 02:43

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · मंगल

00061218रोग · 05:52 – 07:30उद्वेग · 07:30 – 09:08चल · 09:08 – 10:46लाभ · 10:46 – 12:24अमृत · 12:24 – 14:02काल · 14:02 – 15:40शुभ · 15:40 – 17:18रोग · 17:18 – 18:56काल · 18:56 – 20:18लाभ · 20:18 – 21:40उद्वेग · 21:40 – 23:02शुभ · 23:02 – 00:24अमृत · 00:24 – 01:46चल · 01:46 – 03:08रोग · 03:08 – 04:31काल · 04:31 – 05:53रोग · 05:52 – 07:30लाभ · 07:30 – 09:08धन · 09:08 – 10:46सुख · 10:46 – 12:24चोर · 12:24 – 14:02उद्योग · 14:02 – 15:40विष · 15:40 – 17:18अमृत · 17:18 – 18:56चोर · 18:56 – 20:18उद्योग · 20:18 – 21:40विष · 21:40 – 23:02अमृत · 23:02 – 00:24रोग · 00:24 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:08धन · 03:08 – 04:31सुख · 04:31 – 05:53ब्रह्म मुहूर्त · 04:25 – 05:08अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:50अमृत काल · 15:32 – 17:04राहु काल · 15:40 – 17:18यमगण्ड काल · 09:08 – 10:46गुलिक काल · 12:24 – 14:02वर्ज्यम् · 10:09 – 11:41मंगल · 05:52 – 06:57सूर्य · 06:57 – 08:03शुक्र · 08:03 – 09:08बुध · 09:08 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:19शनि · 11:19 – 12:24गुरु · 12:24 – 13:29मंगल · 13:29 – 14:35सूर्य · 14:35 – 15:40शुक्र · 15:40 – 16:45बुध · 16:45 – 17:51चंद्र · 17:51 – 18:56शनि · 18:56 – 19:51गुरु · 19:51 – 20:46मंगल · 20:46 – 21:40सूर्य · 21:40 – 22:35शुक्र · 22:35 – 23:30बुध · 23:30 – 00:24चंद्र · 00:24 – 01:19शनि · 01:19 – 02:14गुरु · 02:14 – 03:08मंगल · 03:08 – 04:03सूर्य · 04:03 – 04:58शुक्र · 04:58 – 05:53

19 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
05:52
07:30
09:08
10:46
12:24
14:02
15:40
17:18

रात का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
18:56
20:18
21:40
23:02
00:24
01:46
03:08
04:31

दिन का गौरी

8·1 घं 38 मि
05:52
07:30
09:08
10:46
12:24
14:02
15:40
17:18

रात का गौरी

8·1 घं 22 मि
18:56
20:18
21:40
23:02
00:24
01:46
03:08
04:31
04:25–05:08
11:58–12:50
15:32–17:04
15:40–17:18
09:08–10:46
12:24–14:02
10:09–11:41

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:52
06:57
08:03
09:08
10:13
11:19
12:24
13:29
14:35
15:40
16:45
17:51

रात के होरा

12·55 मि
18:56
19:51
20:46
21:40
22:35
23:30
00:24
01:19
02:14
03:08
04:03
04:58

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
19 अगस्त 2025 को अजा एकादशी तिथि 15:33 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
19 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
19 अगस्त 2025 को नक्षत्र आर्द्रा और योग वज्र है।
19 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है।
19 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:40 से 17:18 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।