रविवार, 25 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
रविवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में शाम तक है, फिर कृत्तिका में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 17:13 से 18:50 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण सप्तमी
05:31 से अगले दिन 03:39 तक
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
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रविवार
रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
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भरणी
पिछले दिन 18:05 से 16:45 तक
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फिर
कृत्तिका
16:45 – अगले दिन 15:55
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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ध्रुव
03:06 से अगले दिन 00:28 तक
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
05:31 से 16:31 तक
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फिर
बव
16:31 – अगले दिन 03:39
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · रवि
25 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 37 मि| 05:5507:32 | ||
| 07:3209:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:22 | ||
| 12:2213:59 | ||
| 13:5915:36 | ||
| 15:3617:13 | ||
| 17:1318:50 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 23 मि| 18:5020:13 | ||
| 20:1321:36 | ||
| 21:3622:59 | ||
| 22:5900:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:33 | ||
| 04:3305:56 |
दिन का गौरी
8·1 घं 37 मि| 05:5507:32 | ||
| 07:3209:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:22 | ||
| 12:2213:59 | ||
| 13:5915:36 | ||
| 15:3617:13 | ||
| 17:1318:50 |
रात का गौरी
8·1 घं 23 मि| 18:5020:13 | ||
| 20:1321:36 | ||
| 21:3622:59 | ||
| 22:5900:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:33 | ||
| 04:3305:56 |
| 04:27–05:11 | ||
| 11:57–12:48 | ||
| 12:13–13:43 | ||
| 17:13–18:50 | ||
| 12:22–13:59 | ||
| 15:36–17:13 | ||
| 04:20–05:52 |
दिन के होरा
12·1 घं 5 मि| 05:5507:00 | ||
| 07:0008:04 | ||
| 08:0409:09 | ||
| 09:0910:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:22 | ||
| 12:2213:27 | ||
| 13:2714:32 | ||
| 14:3215:36 | ||
| 15:3616:41 | ||
| 16:4117:45 | ||
| 17:4518:50 |
रात के होरा
12·56 मि| 18:5019:45 | ||
| 19:4520:41 | ||
| 20:4121:36 | ||
| 21:3622:32 | ||
| 22:3223:27 | ||
| 23:2700:23 | ||
| 00:2301:18 | ||
| 01:1802:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:05 | ||
| 04:0505:00 | ||
| 05:0005:56 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 25 अगस्त 2024 को कृष्ण सप्तमी तिथि 26 अगस्त 03:39 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
- 25 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 25 अगस्त 2024 को नक्षत्र भरणी और योग ध्रुव है।
- 25 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है।
- 25 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 17:13 से 18:50 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



