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बुधवार, 25 अगस्त 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन जन्माष्टमी है। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:23 से 14:00 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 25 अगस्त

जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी

निशीथ काल00:01 – 00:45, 26 अगस्त

श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव निशीथ काल — मध्यरात्रि — में मनाया जाता है; व्रत मध्यरात्रि पूजन के बाद खोला जाता है।

भगवान श्रीकृष्ण के अर्धरात्रि जन्म का उत्सव। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं, झूले सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि की आरती के बाद व्रत खोलते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 20:25 से 19:20 तक

    • फिर

      कृष्ण नवमी

      19:20 – अगले दिन 17:39

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 12:37 से 12:28 तक

    • फिर

      रोहिणी

      12:28 – अगले दिन 11:42

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • व्याघात

      पिछले दिन 23:48 से 21:49 तक

    • फिर

      हर्षण

      21:49 – अगले दिन 19:21

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 20:25 से 07:57 तक

    • फिर

      कौलव

      07:57 – 19:20

    • फिर

      तैतिल

      19:20 – अगले दिन 06:34

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · बुध

00061218लाभ · 05:55 – 07:32अमृत · 07:32 – 09:09काल · 09:09 – 10:46शुभ · 10:46 – 12:23रोग · 12:23 – 14:00उद्वेग · 14:00 – 15:37चल · 15:37 – 17:13लाभ · 17:13 – 18:50उद्वेग · 18:50 – 20:14शुभ · 20:14 – 21:37अमृत · 21:37 – 23:00चल · 23:00 – 00:23रोग · 00:23 – 01:46काल · 01:46 – 03:09लाभ · 03:09 – 04:32उद्वेग · 04:32 – 05:55लाभ · 05:55 – 07:32धन · 07:32 – 09:09सुख · 09:09 – 10:46चोर · 10:46 – 12:23विष · 12:23 – 14:00उद्योग · 14:00 – 15:37अमृत · 15:37 – 17:13रोग · 17:13 – 18:50उद्योग · 18:50 – 20:14अमृत · 20:14 – 21:37रोग · 21:37 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:23धन · 00:23 – 01:46सुख · 01:46 – 03:09चोर · 03:09 – 04:32विष · 04:32 – 05:55ब्रह्म मुहूर्त · 04:26 – 05:11अमृत काल · 10:05 – 11:40राहु काल · 12:23 – 14:00यमगण्ड काल · 07:32 – 09:09गुलिक काल · 10:46 – 12:23वर्ज्यम् · 03:57 – 05:30बुध · 05:55 – 07:00चंद्र · 07:00 – 08:04शनि · 08:04 – 09:09गुरु · 09:09 – 10:13मंगल · 10:13 – 11:18सूर्य · 11:18 – 12:23शुक्र · 12:23 – 13:27बुध · 13:27 – 14:32चंद्र · 14:32 – 15:37शनि · 15:37 – 16:41गुरु · 16:41 – 17:46मंगल · 17:46 – 18:50सूर्य · 18:50 – 19:46शुक्र · 19:46 – 20:41बुध · 20:41 – 21:37चंद्र · 21:37 – 22:32शनि · 22:32 – 23:27गुरु · 23:27 – 00:23मंगल · 00:23 – 01:18सूर्य · 01:18 – 02:14शुक्र · 02:14 – 03:09बुध · 03:09 – 04:05चंद्र · 04:05 – 05:00शनि · 05:00 – 05:55

25 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
05:55
07:32
09:09
10:46
12:23
14:00
15:37
17:13

रात का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
18:50
20:14
21:37
23:00
00:23
01:46
03:09
04:32

दिन का गौरी

8·1 घं 37 मि
05:55
07:32
09:09
10:46
12:23
14:00
15:37
17:13

रात का गौरी

8·1 घं 23 मि
18:50
20:14
21:37
23:00
00:23
01:46
03:09
04:32
04:26–05:11
10:05–11:40
12:23–14:00
07:32–09:09
10:46–12:23
03:57–05:30

दिन के होरा

12·1 घं 5 मि
05:55
07:00
08:04
09:09
10:13
11:18
12:23
13:27
14:32
15:37
16:41
17:46

रात के होरा

12·55 मि
18:50
19:46
20:41
21:37
22:32
23:27
00:23
01:18
02:14
03:09
04:05
05:00

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
25 अगस्त 2027 को कृष्ण अष्टमी तिथि 19:20 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
25 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
25 अगस्त 2027 को नक्षत्र कृत्तिका और योग व्याघात है।
25 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है।
25 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:23 से 14:00 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।