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शुक्रवार, 27 अगस्त 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। दशमी तिथि 15:25 बजे तक, फिर एकादशी 12:42 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 10:22 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 08:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 16:24 बजे तक, फिर सिद्धि योग 13:05 (कल) बजे तक। विष्टि करण 15:25 बजे तक, उसके बाद बव 02:07 (कल) बजे तक, फिर बालव 12:42 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 17:39 उसी दिन 15:25

    • इंदिरा एकादशी

      उसी दिन 15:25 अगले दिन 12:42

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • भाद्रपद · आश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 11:41 उसी दिन 10:22

    • आर्द्रा

      उसी दिन 10:22 अगले दिन 08:32

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • वज्र

      पिछले दिन 19:19 उसी दिन 16:24

    • सिद्धि

      उसी दिन 16:24 अगले दिन 13:05

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      उसी दिन 04:36 उसी दिन 15:25

    • बव

      उसी दिन 15:25 अगले दिन 02:07

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · शुक्र

00 06 12 18 चल · 05:56 – 07:33 लाभ · 07:33 – 09:09 अमृत · 09:09 – 10:46 काल · 10:46 – 12:22 शुभ · 12:22 – 13:59 रोग · 13:59 – 15:35 उद्वेग · 15:35 – 17:12 चल · 17:12 – 18:48 रोग · 18:48 – 20:12 काल · 20:12 – 21:35 लाभ · 21:35 – 22:59 उद्वेग · 22:59 – 00:22 शुभ · 00:22 – 01:46 अमृत · 01:46 – 03:09 चल · 03:09 – 04:33 रोग · 04:33 – 05:57 अमृत · 05:56 – 07:33 उद्योग · 07:33 – 09:09 चल · 09:09 – 10:46 काल · 10:46 – 12:22 शून्य · 12:22 – 13:59 लाभ · 13:59 – 15:35 शुभ · 15:35 – 17:12 रोग · 17:12 – 18:48 शुभ · 18:48 – 20:12 शून्य · 20:12 – 21:35 लाभ · 21:35 – 22:59 चल · 22:59 – 00:22 रोग · 00:22 – 01:46 काल · 01:46 – 03:09 अमृत · 03:09 – 04:33 उद्योग · 04:33 – 05:57 ब्रह्म मुहूर्त · 04:27 – 05:12 अभिजित मुहूर्त · 11:56 – 12:48 अमृत काल · 02:03 – 03:33 राहु काल · 10:46 – 12:22 यमगण्ड काल · 15:35 – 17:12 गुलिक काल · 07:33 – 09:09 वर्ज्यम् · 16:59 – 18:29 शुक्र · 05:56 – 07:00 बुध · 07:00 – 08:05 चंद्र · 08:05 – 09:09 शनि · 09:09 – 10:13 गुरु · 10:13 – 11:18 मंगल · 11:18 – 12:22 सूर्य · 12:22 – 13:26 शुक्र · 13:26 – 14:31 बुध · 14:31 – 15:35 चंद्र · 15:35 – 16:40 शनि · 16:40 – 17:44 गुरु · 17:44 – 18:48 मंगल · 18:48 – 19:44 सूर्य · 19:44 – 20:40 शुक्र · 20:40 – 21:35 बुध · 21:35 – 22:31 चंद्र · 22:31 – 23:27 शनि · 23:27 – 00:22 गुरु · 00:22 – 01:18 मंगल · 01:18 – 02:14 सूर्य · 02:14 – 03:09 शुक्र · 03:09 – 04:05 बुध · 04:05 – 05:01 चंद्र · 05:01 – 05:57

27 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:56
07:33
09:09
10:46
12:22
13:59
15:35
17:12

रात के समय

8 · 1 घं 24 मि
18:48
20:12
21:35
22:59
00:22
01:46
03:09
04:33

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:56
07:33
09:09
10:46
12:22
13:59
15:35
17:12

रात के समय

8 · 1 घं 24 मि
18:48
20:12
21:35
22:59
00:22
01:46
03:09
04:33
04:27 05:12
11:56 12:48
02:03 03:33
10:46 12:22
15:35 17:12
07:33 09:09
16:59 18:29

दिन के घंटे

12 · 1 घं 4 मि
05:56
07:00
08:05
09:09
10:13
11:18
12:22
13:26
14:31
15:35
16:40
17:44

रात के घंटे

12 · 56 मि
18:48
19:44
20:40
21:35
22:31
23:27
00:22
01:18
02:14
03:09
04:05
05:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
27 अगस्त 2027 की तिथि कृष्ण दशमी है।
27 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
27 अगस्त 2027 का नक्षत्र मृगशिरा और योग वज्र है।
27 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर तथा सूर्यास्त 18:48 पर होगा।
27 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:46–12:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।