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शनिवार, 31 अगस्त 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। त्रयोदशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में रात तक है, फिर आश्लेषा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 09:10 से 10:45 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      02:25 से अगले दिन 03:41 तक

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 17:55 से 19:39 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      19:39 – अगले दिन 21:48

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 17:46 से 17:38 तक

    • फिर

      परिघ

      17:38 – अगले दिन 17:49

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      02:25 से 15:00 तक

    • फिर

      वणिज

      15:00 – अगले दिन 03:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · शनि

00061218काल · 05:58 – 07:34शुभ · 07:34 – 09:10रोग · 09:10 – 10:45उद्वेग · 10:45 – 12:21चल · 12:21 – 13:56लाभ · 13:56 – 15:32अमृत · 15:32 – 17:07काल · 17:07 – 18:43लाभ · 18:43 – 20:07उद्वेग · 20:07 – 21:32शुभ · 21:32 – 22:56अमृत · 22:56 – 00:21चल · 00:21 – 01:45रोग · 01:45 – 03:10काल · 03:10 – 04:34लाभ · 04:34 – 05:59चोर · 05:58 – 07:34उद्योग · 07:34 – 09:10विष · 09:10 – 10:45अमृत · 10:45 – 12:21रोग · 12:21 – 13:56लाभ · 13:56 – 15:32धन · 15:32 – 17:07सुख · 17:07 – 18:43लाभ · 18:43 – 20:07धन · 20:07 – 21:32सुख · 21:32 – 22:56चोर · 22:56 – 00:21उद्योग · 00:21 – 01:45विष · 01:45 – 03:10अमृत · 03:10 – 04:34रोग · 04:34 – 05:59ब्रह्म मुहूर्त · 04:28 – 05:13अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:46अमृत काल · 12:47 – 14:30राहु काल · 09:10 – 10:45यमगण्ड काल · 13:56 – 15:32गुलिक काल · 05:58 – 07:34शनि · 05:58 – 07:02गुरु · 07:02 – 08:06मंगल · 08:06 – 09:10सूर्य · 09:10 – 10:13शुक्र · 10:13 – 11:17बुध · 11:17 – 12:21चंद्र · 12:21 – 13:24शनि · 13:24 – 14:28गुरु · 14:28 – 15:32मंगल · 15:32 – 16:36सूर्य · 16:36 – 17:39शुक्र · 17:39 – 18:43बुध · 18:43 – 19:39चंद्र · 19:39 – 20:36शनि · 20:36 – 21:32गुरु · 21:32 – 22:28मंगल · 22:28 – 23:25सूर्य · 23:25 – 00:21शुक्र · 00:21 – 01:17बुध · 01:17 – 02:14चंद्र · 02:14 – 03:10शनि · 03:10 – 04:06गुरु · 04:06 – 05:03मंगल · 05:03 – 05:59

31 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
05:58
07:34
09:10
10:45
12:21
13:56
15:32
17:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
18:43
20:07
21:32
22:56
00:21
01:45
03:10
04:34

दिन का गौरी

8·1 घं 36 मि
05:58
07:34
09:10
10:45
12:21
13:56
15:32
17:07

रात का गौरी

8·1 घं 24 मि
18:43
20:07
21:32
22:56
00:21
01:45
03:10
04:34
04:28–05:13
11:55–12:46
12:47–14:30
09:10–10:45
13:56–15:32
05:58–07:34

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:58
07:02
08:06
09:10
10:13
11:17
12:21
13:24
14:28
15:32
16:36
17:39

रात के होरा

12·56 मि
18:43
19:39
20:36
21:32
22:28
23:25
00:21
01:17
02:14
03:10
04:06
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
31 अगस्त 2024 को कृष्ण त्रयोदशी तिथि 1 सितंबर 03:41 तक है, फिर कृष्ण चतुर्दशी आरंभ होती है।
31 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
31 अगस्त 2024 को नक्षत्र पुष्य और योग वरीयान् है।
31 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है।
31 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:10 से 10:45 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।