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मंगलवार, 5 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। पुत्रदा एकादशी तिथि दोपहर तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 15:48 से 17:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पुत्रदा एकादशी

      पिछले दिन 11:42 से 13:12 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      13:12 – अगले दिन 14:08

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 09:12 से 11:23 तक

    • फिर

      मूल

      11:23 – अगले दिन 13:00

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 07:04 से 07:24 तक

    • फिर

      वैधृति

      07:24 – अगले दिन 07:17

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      00:31 से 13:12 तक

    • फिर

      बव

      13:12 – अगले दिन 01:45

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · मंगल

00061218रोग · 05:44 – 07:25उद्वेग · 07:25 – 09:05चल · 09:05 – 10:46लाभ · 10:46 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:07काल · 14:07 – 15:48शुभ · 15:48 – 17:28रोग · 17:28 – 19:09काल · 19:09 – 20:28लाभ · 20:28 – 21:48उद्वेग · 21:48 – 23:07शुभ · 23:07 – 00:27अमृत · 00:27 – 01:46चल · 01:46 – 03:06रोग · 03:06 – 04:25काल · 04:25 – 05:45रोग · 05:44 – 07:25लाभ · 07:25 – 09:05धन · 09:05 – 10:46सुख · 10:46 – 12:27चोर · 12:27 – 14:07उद्योग · 14:07 – 15:48विष · 15:48 – 17:28अमृत · 17:28 – 19:09चोर · 19:09 – 20:28उद्योग · 20:28 – 21:48विष · 21:48 – 23:07अमृत · 23:07 – 00:27रोग · 00:27 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:06धन · 03:06 – 04:25सुख · 04:25 – 05:45ब्रह्म मुहूर्त · 04:20 – 05:02अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:53राहु काल · 15:48 – 17:28यमगण्ड काल · 09:05 – 10:46गुलिक काल · 12:27 – 14:07मंगल · 05:44 – 06:51सूर्य · 06:51 – 07:58शुक्र · 07:58 – 09:05बुध · 09:05 – 10:12चंद्र · 10:12 – 11:19शनि · 11:19 – 12:27गुरु · 12:27 – 13:34मंगल · 13:34 – 14:41सूर्य · 14:41 – 15:48शुक्र · 15:48 – 16:55बुध · 16:55 – 18:02चंद्र · 18:02 – 19:09शनि · 19:09 – 20:02गुरु · 20:02 – 20:55मंगल · 20:55 – 21:48सूर्य · 21:48 – 22:41शुक्र · 22:41 – 23:34बुध · 23:34 – 00:27चंद्र · 00:27 – 01:20शनि · 01:20 – 02:13गुरु · 02:13 – 03:06मंगल · 03:06 – 03:59सूर्य · 03:59 – 04:52शुक्र · 04:52 – 05:45

5 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
05:44
07:25
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:28

रात का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
19:09
20:28
21:48
23:07
00:27
01:46
03:06
04:25

दिन का गौरी

8·1 घं 41 मि
05:44
07:25
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:28

रात का गौरी

8·1 घं 20 मि
19:09
20:28
21:48
23:07
00:27
01:46
03:06
04:25
04:20–05:02
12:00–12:53
15:48–17:28
09:05–10:46
12:27–14:07

दिन के होरा

12·1 घं 7 मि
05:44
06:51
07:58
09:05
10:12
11:19
12:27
13:34
14:41
15:48
16:55
18:02

रात के होरा

12·53 मि
19:09
20:02
20:55
21:48
22:41
23:34
00:27
01:20
02:13
03:06
03:59
04:52

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
5 अगस्त 2025 को पुत्रदा एकादशी तिथि 13:12 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
5 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
5 अगस्त 2025 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग ऐन्द्र है।
5 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है।
5 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:48 से 17:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।