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शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि शाम तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में शाम तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 10:46 से 12:26 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 18:53 से 16:37 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      16:37 – अगले दिन 13:59

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 20:13 से 18:43 तक

    • फिर

      रोहिणी

      18:43 – अगले दिन 16:51

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 15:00 से 12:11 तक

    • फिर

      ध्रुव

      12:11 – अगले दिन 09:02

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 18:53 से 05:48 तक

    • फिर

      गर

      05:48 – 16:37

    • फिर

      वणिज

      16:37 – अगले दिन 03:20

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · शुक्र

00061218चल · 05:45 – 07:26लाभ · 07:26 – 09:06अमृत · 09:06 – 10:46काल · 10:46 – 12:26शुभ · 12:26 – 14:07रोग · 14:07 – 15:47उद्वेग · 15:47 – 17:27चल · 17:27 – 19:07रोग · 19:07 – 20:27काल · 20:27 – 21:47लाभ · 21:47 – 23:07उद्वेग · 23:07 – 00:27शुभ · 00:27 – 01:46अमृत · 01:46 – 03:06चल · 03:06 – 04:26रोग · 04:26 – 05:46सुख · 05:45 – 07:26चोर · 07:26 – 09:06उद्योग · 09:06 – 10:46विष · 10:46 – 12:26अमृत · 12:26 – 14:07रोग · 14:07 – 15:47लाभ · 15:47 – 17:27धन · 17:27 – 19:07रोग · 19:07 – 20:27लाभ · 20:27 – 21:47धन · 21:47 – 23:07सुख · 23:07 – 00:27चोर · 00:27 – 01:46उद्योग · 01:46 – 03:06विष · 03:06 – 04:26अमृत · 04:26 – 05:46ब्रह्म मुहूर्त · 04:20 – 05:03अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:53अमृत काल · 16:28 – 17:58राहु काल · 10:46 – 12:26यमगण्ड काल · 15:47 – 17:27गुलिक काल · 07:26 – 09:06वर्ज्यम् · 07:28 – 08:58शुक्र · 05:45 – 06:52बुध · 06:52 – 07:59चंद्र · 07:59 – 09:06शनि · 09:06 – 10:13गुरु · 10:13 – 11:19मंगल · 11:19 – 12:26सूर्य · 12:26 – 13:33शुक्र · 13:33 – 14:40बुध · 14:40 – 15:47चंद्र · 15:47 – 16:54शनि · 16:54 – 18:00गुरु · 18:00 – 19:07मंगल · 19:07 – 20:00सूर्य · 20:00 – 20:54शुक्र · 20:54 – 21:47बुध · 21:47 – 22:40चंद्र · 22:40 – 23:33शनि · 23:33 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:20मंगल · 01:20 – 02:13सूर्य · 02:13 – 03:06शुक्र · 03:06 – 03:59बुध · 03:59 – 04:53चंद्र · 04:53 – 05:46

7 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
05:45
07:26
09:06
10:46
12:26
14:07
15:47
17:27

रात का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
19:07
20:27
21:47
23:07
00:27
01:46
03:06
04:26

दिन का गौरी

8·1 घं 40 मि
05:45
07:26
09:06
10:46
12:26
14:07
15:47
17:27

रात का गौरी

8·1 घं 20 मि
19:07
20:27
21:47
23:07
00:27
01:46
03:06
04:26
04:20–05:03
12:00–12:53
16:28–17:58
10:46–12:26
15:47–17:27
07:26–09:06
07:28–08:58

दिन के होरा

12·1 घं 7 मि
05:45
06:52
07:59
09:06
10:13
11:19
12:26
13:33
14:40
15:47
16:54
18:00

रात के होरा

12·53 मि
19:07
20:00
20:54
21:47
22:40
23:33
00:27
01:20
02:13
03:06
03:59
04:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
7 अगस्त 2026 को कृष्ण नवमी तिथि 16:37 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
7 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
7 अगस्त 2026 को नक्षत्र कृत्तिका और योग वृद्धि है।
7 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है।
7 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:46 से 12:26 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।