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गुरुवार, 12 दिसंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। द्वादशी तिथि रात तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर भरणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:35 तक शुभ है; राहु काल 13:32 से 14:50 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      01:09 से 22:26 तक

    • फिर

      शुक्ल त्रयोदशी

      22:26 – अगले दिन 19:40

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 11:47 से 09:52 तक

    • फिर

      भरणी

      09:52 – अगले दिन 07:50

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      पिछले दिन 18:47 से 15:22 तक

    • फिर

      शिव

      15:22 – अगले दिन 11:53

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      01:09 से 11:49 तक

    • फिर

      बालव

      11:49 – 22:26

    • फिर

      कौलव

      22:26 – अगले दिन 09:03

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · गुरु

00061218शुभ · 07:04 – 08:22रोग · 08:22 – 09:39उद्वेग · 09:39 – 10:57चल · 10:57 – 12:14लाभ · 12:14 – 13:32अमृत · 13:32 – 14:50काल · 14:50 – 16:07शुभ · 16:07 – 17:25अमृत · 17:25 – 19:07चल · 19:07 – 20:50रोग · 20:50 – 22:32काल · 22:32 – 00:15लाभ · 00:15 – 01:57उद्वेग · 01:57 – 03:40शुभ · 03:40 – 05:22अमृत · 05:22 – 07:05धन · 07:04 – 08:22सुख · 08:22 – 09:39चोर · 09:39 – 10:57उद्योग · 10:57 – 12:14अमृत · 12:14 – 13:32विष · 13:32 – 14:50रोग · 14:50 – 16:07लाभ · 16:07 – 17:25अमृत · 17:25 – 19:07विष · 19:07 – 20:50रोग · 20:50 – 22:32लाभ · 22:32 – 00:15धन · 00:15 – 01:57सुख · 01:57 – 03:40चोर · 03:40 – 05:22उद्योग · 05:22 – 07:05ब्रह्म मुहूर्त · 05:15 – 06:09अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:35अमृत काल · 03:26 – 04:54राहु काल · 13:32 – 14:50यमगण्ड काल · 07:04 – 08:22गुलिक काल · 09:39 – 10:57वर्ज्यम् · 06:11 – 07:40गुरु · 07:04 – 07:56मंगल · 07:56 – 08:47सूर्य · 08:47 – 09:39शुक्र · 09:39 – 10:31बुध · 10:31 – 11:23चंद्र · 11:23 – 12:14शनि · 12:14 – 13:06गुरु · 13:06 – 13:58मंगल · 13:58 – 14:50सूर्य · 14:50 – 15:41शुक्र · 15:41 – 16:33बुध · 16:33 – 17:25चंद्र · 17:25 – 18:33शनि · 18:33 – 19:42गुरु · 19:42 – 20:50मंगल · 20:50 – 21:58सूर्य · 21:58 – 23:06शुक्र · 23:06 – 00:15बुध · 00:15 – 01:23चंद्र · 01:23 – 02:31शनि · 02:31 – 03:40गुरु · 03:40 – 04:48मंगल · 04:48 – 05:56सूर्य · 05:56 – 07:05

12 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:04
08:22
09:39
10:57
12:14
13:32
14:50
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:15
01:57
03:40
05:22

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:04
08:22
09:39
10:57
12:14
13:32
14:50
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:25
19:07
20:50
22:32
00:15
01:57
03:40
05:22
05:15–06:09
11:54–12:35
03:26–04:54
13:32–14:50
07:04–08:22
09:39–10:57
06:11–07:40

दिन के होरा

12·52 मि
07:04
07:56
08:47
09:39
10:31
11:23
12:14
13:06
13:58
14:50
15:41
16:33

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:25
18:33
19:42
20:50
21:58
23:06
00:15
01:23
02:31
03:40
04:48
05:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
12 दिसंबर 2024 को शुक्ल द्वादशी तिथि 22:26 तक है, फिर शुक्ल त्रयोदशी आरंभ होती है।
12 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
12 दिसंबर 2024 को नक्षत्र अश्विनी और योग परिघ है।
12 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
12 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:32 से 14:50 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।