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सोमवार, 14 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। पंचमी तिथि रात तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में सुबह तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:36 तक शुभ है; राहु काल 08:22 से 09:40 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 16:48 से 19:16 तक

    • फिर

      शुक्ल षष्ठी

      19:16 – अगले दिन 21:19

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 06:12 से 09:12 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      09:12 – अगले दिन 11:53

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • व्याघात

      पिछले दिन 12:14 से 13:04 तक

    • फिर

      हर्षण

      13:04 – अगले दिन 13:37

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      06:04 से 19:16 तक

    • फिर

      कौलव

      19:16 – अगले दिन 08:22

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · सोम

00061218अमृत · 07:05 – 08:22काल · 08:22 – 09:40शुभ · 09:40 – 10:58रोग · 10:58 – 12:15उद्वेग · 12:15 – 13:33चल · 13:33 – 14:50लाभ · 14:50 – 16:08अमृत · 16:08 – 17:25चल · 17:25 – 19:08रोग · 19:08 – 20:50काल · 20:50 – 22:33लाभ · 22:33 – 00:15उद्वेग · 00:15 – 01:58शुभ · 01:58 – 03:41अमृत · 03:41 – 05:23चल · 05:23 – 07:06अमृत · 07:05 – 08:22विष · 08:22 – 09:40रोग · 09:40 – 10:58लाभ · 10:58 – 12:15धन · 12:15 – 13:33सुख · 13:33 – 14:50चोर · 14:50 – 16:08उद्योग · 16:08 – 17:25सुख · 17:25 – 19:08चोर · 19:08 – 20:50उद्योग · 20:50 – 22:33अमृत · 22:33 – 00:15विष · 00:15 – 01:58रोग · 01:58 – 03:41लाभ · 03:41 – 05:23धन · 05:23 – 07:06ब्रह्म मुहूर्त · 05:16 – 06:10अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:36अमृत काल · 00:19 – 02:06राहु काल · 08:22 – 09:40यमगण्ड काल · 10:58 – 12:15गुलिक काल · 13:33 – 14:50वर्ज्यम् · 13:39 – 15:25चंद्र · 07:05 – 07:57शनि · 07:57 – 08:48गुरु · 08:48 – 09:40मंगल · 09:40 – 10:32सूर्य · 10:32 – 11:23शुक्र · 11:23 – 12:15बुध · 12:15 – 13:07चंद्र · 13:07 – 13:59शनि · 13:59 – 14:50गुरु · 14:50 – 15:42मंगल · 15:42 – 16:34सूर्य · 16:34 – 17:25शुक्र · 17:25 – 18:34बुध · 18:34 – 19:42चंद्र · 19:42 – 20:50शनि · 20:50 – 21:59गुरु · 21:59 – 23:07मंगल · 23:07 – 00:15सूर्य · 00:15 – 01:24शुक्र · 01:24 – 02:32बुध · 02:32 – 03:41चंद्र · 03:41 – 04:49शनि · 04:49 – 05:57गुरु · 05:57 – 07:06

14 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:05
08:22
09:40
10:58
12:15
13:33
14:50
16:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:25
19:08
20:50
22:33
00:15
01:58
03:41
05:23

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:05
08:22
09:40
10:58
12:15
13:33
14:50
16:08

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:25
19:08
20:50
22:33
00:15
01:58
03:41
05:23
05:16–06:10
11:54–12:36
00:19–02:06
08:22–09:40
10:58–12:15
13:33–14:50
13:39–15:25

दिन के होरा

12·52 मि
07:05
07:57
08:48
09:40
10:32
11:23
12:15
13:07
13:59
14:50
15:42
16:34

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:25
18:34
19:42
20:50
21:59
23:07
00:15
01:24
02:32
03:41
04:49
05:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
14 दिसंबर 2026 को शुक्ल पंचमी तिथि 19:16 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
14 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
14 दिसंबर 2026 को नक्षत्र श्रवण और योग व्याघात है।
14 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
14 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:22 से 09:40 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।