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रविवार, 19 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:38 तक शुभ है; राहु काल 16:10 से 17:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      05:36 से अगले दिन 03:34 तक

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 1

      03:30 से अगले दिन 02:07 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      पिछले दिन 23:35 से 20:37 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      20:37 – अगले दिन 17:56

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      05:36 से 16:32 तक

    • फिर

      बव

      16:32 – अगले दिन 03:34

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · रवि

00061218उद्वेग · 07:08 – 08:25चल · 08:25 – 09:43लाभ · 09:43 – 11:00अमृत · 11:00 – 12:17काल · 12:17 – 13:35शुभ · 13:35 – 14:52रोग · 14:52 – 16:10उद्वेग · 16:10 – 17:27शुभ · 17:27 – 19:10अमृत · 19:10 – 20:52चल · 20:52 – 22:35रोग · 22:35 – 00:18काल · 00:18 – 02:00लाभ · 02:00 – 03:43उद्वेग · 03:43 – 05:26शुभ · 05:26 – 07:08उद्योग · 07:08 – 08:25अमृत · 08:25 – 09:43रोग · 09:43 – 11:00लाभ · 11:00 – 12:17धन · 12:17 – 13:35सुख · 13:35 – 14:52चोर · 14:52 – 16:10विष · 16:10 – 17:27धन · 17:27 – 19:10सुख · 19:10 – 20:52चोर · 20:52 – 22:35विष · 22:35 – 00:18उद्योग · 00:18 – 02:00अमृत · 02:00 – 03:43रोग · 03:43 – 05:26लाभ · 05:26 – 07:08ब्रह्म मुहूर्त · 05:18 – 06:13अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:38अमृत काल · 20:05 – 21:35राहु काल · 16:10 – 17:27यमगण्ड काल · 12:17 – 13:35गुलिक काल · 14:52 – 16:10वर्ज्यम् · 11:02 – 12:32सूर्य · 07:08 – 07:59शुक्र · 07:59 – 08:51बुध · 08:51 – 09:43चंद्र · 09:43 – 10:34शनि · 10:34 – 11:26गुरु · 11:26 – 12:17मंगल · 12:17 – 13:09सूर्य · 13:09 – 14:01शुक्र · 14:01 – 14:52बुध · 14:52 – 15:44चंद्र · 15:44 – 16:36शनि · 16:36 – 17:27गुरु · 17:27 – 18:36मंगल · 18:36 – 19:44सूर्य · 19:44 – 20:52शुक्र · 20:52 – 22:01बुध · 22:01 – 23:09चंद्र · 23:09 – 00:18शनि · 00:18 – 01:26गुरु · 01:26 – 02:35मंगल · 02:35 – 03:43सूर्य · 03:43 – 04:51शुक्र · 04:51 – 06:00बुध · 06:00 – 07:08

19 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
07:08
08:25
09:43
11:00
12:17
13:35
14:52
16:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:27
19:10
20:52
22:35
00:18
02:00
03:43
05:26

दिन का गौरी

8·1 घं 17 मि
07:08
08:25
09:43
11:00
12:17
13:35
14:52
16:10

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:27
19:10
20:52
22:35
00:18
02:00
03:43
05:26
05:18–06:13
11:57–12:38
20:05–21:35
16:10–17:27
12:17–13:35
14:52–16:10
11:02–12:32

दिन के होरा

12·52 मि
07:08
07:59
08:51
09:43
10:34
11:26
12:17
13:09
14:01
14:52
15:44
16:36

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:27
18:36
19:44
20:52
22:01
23:09
00:18
01:26
02:35
03:43
04:51
06:00

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
19 दिसंबर 2027 को कृष्ण सप्तमी तिथि 20 दिसंबर 03:34 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
19 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
19 दिसंबर 2027 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग प्रीति है।
19 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है।
19 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:10 से 17:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।