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गुरुवार, 23 दिसंबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। सफला एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर विशाखा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:40 तक शुभ है; राहु काल 13:37 से 14:54 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • सफला एकादशी

      पिछले दिन 23:41 से 23:12 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      23:12 – अगले दिन 23:08

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति · पाद 2

      00:09 से अगले दिन 00:17 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • अतिगण्ड

      पिछले दिन 13:28 से 11:43 तक

    • फिर

      सुकर्मा

      11:43 – अगले दिन 10:17

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      पिछले दिन 23:41 से 11:23 तक

    • फिर

      बालव

      11:23 – 23:12

    • फिर

      कौलव

      23:12 – अगले दिन 11:07

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · गुरु

00061218शुभ · 07:10 – 08:27रोग · 08:27 – 09:45उद्वेग · 09:45 – 11:02चल · 11:02 – 12:19लाभ · 12:19 – 13:37अमृत · 13:37 – 14:54काल · 14:54 – 16:12शुभ · 16:12 – 17:29अमृत · 17:29 – 19:12चल · 19:12 – 20:54रोग · 20:54 – 22:37काल · 22:37 – 00:20लाभ · 00:20 – 02:02उद्वेग · 02:02 – 03:45शुभ · 03:45 – 05:28अमृत · 05:28 – 07:10धन · 07:10 – 08:27सुख · 08:27 – 09:45चोर · 09:45 – 11:02उद्योग · 11:02 – 12:19अमृत · 12:19 – 13:37विष · 13:37 – 14:54रोग · 14:54 – 16:12लाभ · 16:12 – 17:29अमृत · 17:29 – 19:12विष · 19:12 – 20:54रोग · 20:54 – 22:37लाभ · 22:37 – 00:20धन · 00:20 – 02:02सुख · 02:02 – 03:45चोर · 03:45 – 05:28उद्योग · 05:28 – 07:10ब्रह्म मुहूर्त · 05:20 – 06:15अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:40अमृत काल · 15:26 – 17:02राहु काल · 13:37 – 14:54यमगण्ड काल · 07:10 – 08:27गुलिक काल · 09:45 – 11:02वर्ज्यम् · 05:47 – 07:23गुरु · 07:10 – 08:01मंगल · 08:01 – 08:53सूर्य · 08:53 – 09:45शुक्र · 09:45 – 10:36बुध · 10:36 – 11:28चंद्र · 11:28 – 12:19शनि · 12:19 – 13:11गुरु · 13:11 – 14:03मंगल · 14:03 – 14:54सूर्य · 14:54 – 15:46शुक्र · 15:46 – 16:38बुध · 16:38 – 17:29चंद्र · 17:29 – 18:38शनि · 18:38 – 19:46गुरु · 19:46 – 20:54मंगल · 20:54 – 22:03सूर्य · 22:03 – 23:11शुक्र · 23:11 – 00:20बुध · 00:20 – 01:28चंद्र · 01:28 – 02:37शनि · 02:37 – 03:45गुरु · 03:45 – 04:53मंगल · 04:53 – 06:02सूर्य · 06:02 – 07:10

23 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
07:10
08:27
09:45
11:02
12:19
13:37
14:54
16:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:29
19:12
20:54
22:37
00:20
02:02
03:45
05:28

दिन का गौरी

8·1 घं 17 मि
07:10
08:27
09:45
11:02
12:19
13:37
14:54
16:12

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:29
19:12
20:54
22:37
00:20
02:02
03:45
05:28
05:20–06:15
11:59–12:40
15:26–17:02
13:37–14:54
07:10–08:27
09:45–11:02
05:47–07:23

दिन के होरा

12·52 मि
07:10
08:01
08:53
09:45
10:36
11:28
12:19
13:11
14:03
14:54
15:46
16:38

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:29
18:38
19:46
20:54
22:03
23:11
00:20
01:28
02:37
03:45
04:53
06:02

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
23 दिसंबर 2027 को सफला एकादशी तिथि 23:12 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
23 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
23 दिसंबर 2027 को नक्षत्र स्वाति और योग अतिगण्ड है।
23 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है।
23 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:37 से 14:54 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।