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सोमवार, 28 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि दोपहर तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:01 से 12:43 तक शुभ है; राहु काल 08:30 से 09:47 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 17:13 से 14:58 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      14:58 – अगले दिन 13:25

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 18:04 से 16:33 तक

    • फिर

      पूर्व फाल्गुनी

      16:33 – अगले दिन 15:43

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      पिछले दिन 20:53 से 17:55 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      17:55 – अगले दिन 15:30

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      04:01 से 14:58 तक

    • फिर

      गर

      14:58 – अगले दिन 02:06

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · सोम

00061218अमृत · 07:12 – 08:30काल · 08:30 – 09:47शुभ · 09:47 – 11:05रोग · 11:05 – 12:22उद्वेग · 12:22 – 13:40चल · 13:40 – 14:57लाभ · 14:57 – 16:15अमृत · 16:15 – 17:32चल · 17:32 – 19:15रोग · 19:15 – 20:57काल · 20:57 – 22:40लाभ · 22:40 – 00:22उद्वेग · 00:22 – 02:05शुभ · 02:05 – 03:47अमृत · 03:47 – 05:30चल · 05:30 – 07:12अमृत · 07:12 – 08:30विष · 08:30 – 09:47रोग · 09:47 – 11:05लाभ · 11:05 – 12:22धन · 12:22 – 13:40सुख · 13:40 – 14:57चोर · 14:57 – 16:15उद्योग · 16:15 – 17:32सुख · 17:32 – 19:15चोर · 19:15 – 20:57उद्योग · 20:57 – 22:40अमृत · 22:40 – 00:22विष · 00:22 – 02:05रोग · 02:05 – 03:47लाभ · 03:47 – 05:30धन · 05:30 – 07:12ब्रह्म मुहूर्त · 05:23 – 06:17अभिजित मुहूर्त · 12:01 – 12:43अमृत काल · 14:18 – 15:48राहु काल · 08:30 – 09:47यमगण्ड काल · 11:05 – 12:22गुलिक काल · 13:40 – 14:57वर्ज्यम् · 00:16 – 01:49चंद्र · 07:12 – 08:04शनि · 08:04 – 08:55गुरु · 08:55 – 09:47मंगल · 09:47 – 10:39सूर्य · 10:39 – 11:30शुक्र · 11:30 – 12:22बुध · 12:22 – 13:14चंद्र · 13:14 – 14:05शनि · 14:05 – 14:57गुरु · 14:57 – 15:49मंगल · 15:49 – 16:40सूर्य · 16:40 – 17:32शुक्र · 17:32 – 18:41बुध · 18:41 – 19:49चंद्र · 19:49 – 20:57शनि · 20:57 – 22:06गुरु · 22:06 – 23:14मंगल · 23:14 – 00:22सूर्य · 00:22 – 01:31शुक्र · 01:31 – 02:39बुध · 02:39 – 03:47चंद्र · 03:47 – 04:56शनि · 04:56 – 06:04गुरु · 06:04 – 07:12

28 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:12
08:30
09:47
11:05
12:22
13:40
14:57
16:15

रात का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
17:32
19:15
20:57
22:40
00:22
02:05
03:47
05:30

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:12
08:30
09:47
11:05
12:22
13:40
14:57
16:15

रात का गौरी

8·1 घं 43 मि
17:32
19:15
20:57
22:40
00:22
02:05
03:47
05:30
05:23–06:17
12:01–12:43
14:18–15:48
08:30–09:47
11:05–12:22
13:40–14:57
00:16–01:49

दिन के होरा

12·52 मि
07:12
08:04
08:55
09:47
10:39
11:30
12:22
13:14
14:05
14:57
15:49
16:40

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:32
18:41
19:49
20:57
22:06
23:14
00:22
01:31
02:39
03:47
04:56
06:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
28 दिसंबर 2026 को कृष्ण पंचमी तिथि 14:58 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
28 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
28 दिसंबर 2026 को नक्षत्र मघा और योग प्रीति है।
28 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है।
28 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:30 से 09:47 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।