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शुक्रवार, 6 दिसंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। पंचमी तिथि दोपहर तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में शाम तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:33 तक शुभ है; राहु काल 10:54 से 12:12 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 12:49 से 12:08 तक

    • फिर

      शुक्ल षष्ठी

      12:08 – अगले दिन 11:06

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 17:26 से 17:18 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      17:18 – अगले दिन 16:50

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 12:27 से 10:42 तक

    • फिर

      व्याघात

      10:42 – अगले दिन 08:42

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      00:31 से 12:08 तक

    • फिर

      कौलव

      12:08 – 23:39

    • फिर

      तैतिल

      23:39 – अगले दिन 11:06

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · शुक्र

00061218चल · 07:00 – 08:18लाभ · 08:18 – 09:36अमृत · 09:36 – 10:54काल · 10:54 – 12:12शुभ · 12:12 – 13:30रोग · 13:30 – 14:48उद्वेग · 14:48 – 16:06चल · 16:06 – 17:24रोग · 17:24 – 19:06काल · 19:06 – 20:48लाभ · 20:48 – 22:30उद्वेग · 22:30 – 00:12शुभ · 00:12 – 01:54अमृत · 01:54 – 03:36चल · 03:36 – 05:18रोग · 05:18 – 07:01सुख · 07:00 – 08:18चोर · 08:18 – 09:36उद्योग · 09:36 – 10:54विष · 10:54 – 12:12अमृत · 12:12 – 13:30रोग · 13:30 – 14:48लाभ · 14:48 – 16:06धन · 16:06 – 17:24रोग · 17:24 – 19:06लाभ · 19:06 – 20:48धन · 20:48 – 22:30सुख · 22:30 – 00:12चोर · 00:12 – 01:54उद्योग · 01:54 – 03:36विष · 03:36 – 05:18अमृत · 05:18 – 07:01ब्रह्म मुहूर्त · 05:11 – 06:05अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:33अमृत काल · 06:57 – 08:33राहु काल · 10:54 – 12:12यमगण्ड काल · 14:48 – 16:06गुलिक काल · 08:18 – 09:36वर्ज्यम् · 21:13 – 22:47शुक्र · 07:00 – 07:52बुध · 07:52 – 08:44चंद्र · 08:44 – 09:36शनि · 09:36 – 10:28गुरु · 10:28 – 11:20मंगल · 11:20 – 12:12सूर्य · 12:12 – 13:04शुक्र · 13:04 – 13:56बुध · 13:56 – 14:48चंद्र · 14:48 – 15:40शनि · 15:40 – 16:32गुरु · 16:32 – 17:24मंगल · 17:24 – 18:32सूर्य · 18:32 – 19:40शुक्र · 19:40 – 20:48बुध · 20:48 – 21:56चंद्र · 21:56 – 23:04शनि · 23:04 – 00:12गुरु · 00:12 – 01:20मंगल · 01:20 – 02:28सूर्य · 02:28 – 03:36शुक्र · 03:36 – 04:44बुध · 04:44 – 05:52चंद्र · 05:52 – 07:01

6 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:00
08:18
09:36
10:54
12:12
13:30
14:48
16:06

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:24
19:06
20:48
22:30
00:12
01:54
03:36
05:18

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:00
08:18
09:36
10:54
12:12
13:30
14:48
16:06

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:24
19:06
20:48
22:30
00:12
01:54
03:36
05:18
05:11–06:05
11:51–12:33
06:57–08:33
10:54–12:12
14:48–16:06
08:18–09:36
21:13–22:47

दिन के होरा

12·52 मि
07:00
07:52
08:44
09:36
10:28
11:20
12:12
13:04
13:56
14:48
15:40
16:32

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:24
18:32
19:40
20:48
21:56
23:04
00:12
01:20
02:28
03:36
04:44
05:52

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
6 दिसंबर 2024 को शुक्ल पंचमी तिथि 12:08 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
6 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
6 दिसंबर 2024 को नक्षत्र श्रवण और योग ध्रुव है।
6 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
6 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:54 से 12:12 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।