सोमवार, 6 दिसंबर 2027
दैनिक पंचांग
सोमवार, शुक्ल पक्ष। अष्टमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:32 तक शुभ है; राहु काल 08:17 से 09:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल अष्टमी
पिछले दिन 21:37 से अगले दिन 00:00 तक
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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सोमवार
सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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शतभिषा
पिछले दिन 08:41 से 11:40 तक
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फिर
पूर्व भाद्रपदा
11:40 – अगले दिन 14:15
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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वज्र
06:10 से अगले दिन 06:47 तक
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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विष्टि
पिछले दिन 21:37 से 10:52 तक
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फिर
बव
10:52 – अगले दिन 00:00
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · सोम
6 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 18 मि| 06:5908:17 | ||
| 08:1709:35 | ||
| 09:3510:53 | ||
| 10:5312:11 | ||
| 12:1113:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:06 | ||
| 16:0617:24 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:30 | ||
| 22:3000:12 | ||
| 00:1201:54 | ||
| 01:5403:36 | ||
| 03:3605:18 | ||
| 05:1807:00 |
दिन का गौरी
8·1 घं 18 मि| 06:5908:17 | ||
| 08:1709:35 | ||
| 09:3510:53 | ||
| 10:5312:11 | ||
| 12:1113:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:06 | ||
| 16:0617:24 |
रात का गौरी
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:30 | ||
| 22:3000:12 | ||
| 00:1201:54 | ||
| 01:5403:36 | ||
| 03:3605:18 | ||
| 05:1807:00 |
| 05:10–06:05 | ||
| 11:51–12:32 | ||
| 05:23–07:09 | ||
| 08:17–09:35 | ||
| 10:53–12:11 | ||
| 13:29–14:47 | ||
| 18:45–20:32 |
दिन के होरा
12·52 मि| 06:5907:51 | ||
| 07:5108:43 | ||
| 08:4309:35 | ||
| 09:3510:27 | ||
| 10:2711:19 | ||
| 11:1912:11 | ||
| 12:1113:03 | ||
| 13:0313:55 | ||
| 13:5514:47 | ||
| 14:4715:40 | ||
| 15:4016:32 | ||
| 16:3217:24 |
रात के होरा
12·1 घं 8 मि| 17:2418:32 | ||
| 18:3219:40 | ||
| 19:4020:48 | ||
| 20:4821:56 | ||
| 21:5623:04 | ||
| 23:0400:12 | ||
| 00:1201:20 | ||
| 01:2002:28 | ||
| 02:2803:36 | ||
| 03:3604:44 | ||
| 04:4405:52 | ||
| 05:5207:00 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 दिसंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 6 दिसंबर 2027 को शुक्ल अष्टमी तिथि 7 दिसंबर 00:00 तक है, फिर शुक्ल नवमी आरंभ होती है।
- 6 दिसंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 6 दिसंबर 2027 को नक्षत्र शतभिषा और योग वज्र है।
- 6 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
- 6 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 08:17 से 09:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



