सोमवार, 1 फ़रवरी 2027
दैनिक पंचांग
सोमवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर षटतिला एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में अगले दिन सुबह तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:13 से 12:56 तक शुभ है; राहु काल 08:30 से 09:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
कृष्ण दशमी
पिछले दिन 06:34 से 08:41 तक
-
फिर
षटतिला एकादशी
08:41 – अगले दिन 11:10
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
-
सोमवार
सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
-
ज्येष्ठा · पाद 1
06:28 से अगले दिन 09:21 तक
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
-
-
ध्रुव
पिछले दिन 16:18 से 16:56 तक
-
फिर
व्याघात
16:56 – अगले दिन 17:47
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
-
-
विष्टि
पिछले दिन 19:34 से 08:41 तक
-
फिर
बव
08:41 – 21:54
-
फिर
बालव
21:54 – अगले दिन 11:10
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · सोम
1 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 21 मि| 07:0908:30 | ||
| 08:3009:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:34 | ||
| 12:3413:56 | ||
| 13:5615:17 | ||
| 15:1716:38 | ||
| 16:3818:00 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 39 मि| 18:0019:38 | ||
| 19:3821:17 | ||
| 21:1722:55 | ||
| 22:5500:34 | ||
| 00:3402:13 | ||
| 02:1303:51 | ||
| 03:5105:30 | ||
| 05:3007:08 |
दिन का गौरी
8·1 घं 21 मि| 07:0908:30 | ||
| 08:3009:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:34 | ||
| 12:3413:56 | ||
| 13:5615:17 | ||
| 15:1716:38 | ||
| 16:3818:00 |
रात का गौरी
8·1 घं 39 मि| 18:0019:38 | ||
| 19:3821:17 | ||
| 21:1722:55 | ||
| 22:5500:34 | ||
| 00:3402:13 | ||
| 02:1303:51 | ||
| 03:5105:30 | ||
| 05:3007:08 |
| 05:24–06:16 | ||
| 12:13–12:56 | ||
| 23:30–01:17 | ||
| 08:30–09:52 | ||
| 11:13–12:34 | ||
| 13:56–15:17 | ||
| 12:44–14:32 |
दिन के होरा
12·54 मि| 07:0908:03 | ||
| 08:0308:57 | ||
| 08:5709:52 | ||
| 09:5210:46 | ||
| 10:4611:40 | ||
| 11:4012:34 | ||
| 12:3413:29 | ||
| 13:2914:23 | ||
| 14:2315:17 | ||
| 15:1716:11 | ||
| 16:1117:05 | ||
| 17:0518:00 |
रात के होरा
12·1 घं 6 मि| 18:0019:05 | ||
| 19:0520:11 | ||
| 20:1121:17 | ||
| 21:1722:23 | ||
| 22:2323:28 | ||
| 23:2800:34 | ||
| 00:3401:40 | ||
| 01:4002:45 | ||
| 02:4503:51 | ||
| 03:5104:57 | ||
| 04:5706:03 | ||
| 06:0307:08 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 1 फ़रवरी 2027 को कृष्ण दशमी तिथि 08:41 तक है, फिर षटतिला एकादशी आरंभ होती है।
- 1 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 1 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग ध्रुव है।
- 1 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है।
- 1 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 08:30 से 09:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



