मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:35 से 13:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 07:27 से 09:59 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      09:59 – अगले दिन 12:22

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 07:55 से 10:52 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      10:52 – अगले दिन 13:42

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • व्याघात

      01:42 से अगले दिन 02:29 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • गर

      पिछले दिन 20:43 से 09:59 तक

    • फिर

      वणिज

      09:59 – 23:12

    • फिर

      विष्टि

      23:12 – अगले दिन 12:22

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · बुध

00061218लाभ · 07:02 – 08:25अमृत · 08:25 – 09:49काल · 09:49 – 11:12शुभ · 11:12 – 12:35रोग · 12:35 – 13:58उद्वेग · 13:58 – 15:21चल · 15:21 – 16:45लाभ · 16:45 – 18:08उद्वेग · 18:08 – 19:44शुभ · 19:44 – 21:21अमृत · 21:21 – 22:58चल · 22:58 – 00:35रोग · 00:35 – 02:11काल · 02:11 – 03:48लाभ · 03:48 – 05:25उद्वेग · 05:25 – 07:02लाभ · 07:02 – 08:25धन · 08:25 – 09:49सुख · 09:49 – 11:12चोर · 11:12 – 12:35विष · 12:35 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:21अमृत · 15:21 – 16:45रोग · 16:45 – 18:08उद्योग · 18:08 – 19:44अमृत · 19:44 – 21:21रोग · 21:21 – 22:58लाभ · 22:58 – 00:35धन · 00:35 – 02:11सुख · 02:11 – 03:48चोर · 03:48 – 05:25विष · 05:25 – 07:02ब्रह्म मुहूर्त · 05:19 – 06:11अमृत काल · 03:52 – 05:39राहु काल · 12:35 – 13:58यमगण्ड काल · 08:25 – 09:49गुलिक काल · 11:12 – 12:35वर्ज्यम् · 17:08 – 18:55बुध · 07:02 – 07:58चंद्र · 07:58 – 08:53शनि · 08:53 – 09:49गुरु · 09:49 – 10:44मंगल · 10:44 – 11:40सूर्य · 11:40 – 12:35शुक्र · 12:35 – 13:30बुध · 13:30 – 14:26चंद्र · 14:26 – 15:21शनि · 15:21 – 16:17गुरु · 16:17 – 17:12मंगल · 17:12 – 18:08सूर्य · 18:08 – 19:12शुक्र · 19:12 – 20:17बुध · 20:17 – 21:21चंद्र · 21:21 – 22:26शनि · 22:26 – 23:30गुरु · 23:30 – 00:35मंगल · 00:35 – 01:39सूर्य · 01:39 – 02:44शुक्र · 02:44 – 03:48बुध · 03:48 – 04:53चंद्र · 04:53 – 05:57शनि · 05:57 – 07:02

11 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
07:02
08:25
09:49
11:12
12:35
13:58
15:21
16:45

रात का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
18:08
19:44
21:21
22:58
00:35
02:11
03:48
05:25

दिन का गौरी

8·1 घं 23 मि
07:02
08:25
09:49
11:12
12:35
13:58
15:21
16:45

रात का गौरी

8·1 घं 37 मि
18:08
19:44
21:21
22:58
00:35
02:11
03:48
05:25
05:19–06:11
03:52–05:39
12:35–13:58
08:25–09:49
11:12–12:35
17:08–18:55

दिन के होरा

12·55 मि
07:02
07:58
08:53
09:49
10:44
11:40
12:35
13:30
14:26
15:21
16:17
17:12

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
18:08
19:12
20:17
21:21
22:26
23:30
00:35
01:39
02:44
03:48
04:53
05:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
11 फ़रवरी 2026 को कृष्ण नवमी तिथि 09:59 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
11 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
11 फ़रवरी 2026 को नक्षत्र अनुराधा और योग व्याघात है।
11 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है।
11 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:35 से 13:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।