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बुधवार, 12 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में रात तक है, फिर मघा में। राहु काल 12:35 से 13:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 18:55 से 19:23 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      19:23 – अगले दिन 20:22

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 18:34 से 19:35 तक

    • फिर

      मघा

      19:35 – अगले दिन 21:07

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 09:05 से 08:06 तक

    • फिर

      शोभन

      08:06 – अगले दिन 07:31

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 18:55 से 07:05 तक

    • फिर

      बव

      07:05 – 19:23

    • फिर

      बालव

      19:23 – अगले दिन 07:48

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · बुध

00061218लाभ · 07:01 – 08:25अमृत · 08:25 – 09:48काल · 09:48 – 11:12शुभ · 11:12 – 12:35रोग · 12:35 – 13:58उद्वेग · 13:58 – 15:22चल · 15:22 – 16:45लाभ · 16:45 – 18:09उद्वेग · 18:09 – 19:45शुभ · 19:45 – 21:22अमृत · 21:22 – 22:58चल · 22:58 – 00:35रोग · 00:35 – 02:11काल · 02:11 – 03:48लाभ · 03:48 – 05:24उद्वेग · 05:24 – 07:01लाभ · 07:01 – 08:25धन · 08:25 – 09:48सुख · 09:48 – 11:12चोर · 11:12 – 12:35विष · 12:35 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:22अमृत · 15:22 – 16:45रोग · 16:45 – 18:09उद्योग · 18:09 – 19:45अमृत · 19:45 – 21:22रोग · 21:22 – 22:58लाभ · 22:58 – 00:35धन · 00:35 – 02:11सुख · 02:11 – 03:48चोर · 03:48 – 05:24विष · 05:24 – 07:01ब्रह्म मुहूर्त · 05:18 – 06:10अमृत काल · 17:55 – 19:35राहु काल · 12:35 – 13:58यमगण्ड काल · 08:25 – 09:48गुलिक काल · 11:12 – 12:35वर्ज्यम् · 07:54 – 09:34बुध · 07:01 – 07:57चंद्र · 07:57 – 08:53शनि · 08:53 – 09:48गुरु · 09:48 – 10:44मंगल · 10:44 – 11:39सूर्य · 11:39 – 12:35शुक्र · 12:35 – 13:31बुध · 13:31 – 14:26चंद्र · 14:26 – 15:22शनि · 15:22 – 16:17गुरु · 16:17 – 17:13मंगल · 17:13 – 18:09सूर्य · 18:09 – 19:13शुक्र · 19:13 – 20:17बुध · 20:17 – 21:22चंद्र · 21:22 – 22:26शनि · 22:26 – 23:30गुरु · 23:30 – 00:35मंगल · 00:35 – 01:39सूर्य · 01:39 – 02:43शुक्र · 02:43 – 03:48बुध · 03:48 – 04:52चंद्र · 04:52 – 05:56शनि · 05:56 – 07:01

12 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
07:01
08:25
09:48
11:12
12:35
13:58
15:22
16:45

रात का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
18:09
19:45
21:22
22:58
00:35
02:11
03:48
05:24

दिन का गौरी

8·1 घं 23 मि
07:01
08:25
09:48
11:12
12:35
13:58
15:22
16:45

रात का गौरी

8·1 घं 36 मि
18:09
19:45
21:22
22:58
00:35
02:11
03:48
05:24
05:18–06:10
17:55–19:35
12:35–13:58
08:25–09:48
11:12–12:35
07:54–09:34

दिन के होरा

12·56 मि
07:01
07:57
08:53
09:48
10:44
11:39
12:35
13:31
14:26
15:22
16:17
17:13

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
18:09
19:13
20:17
21:22
22:26
23:30
00:35
01:39
02:43
03:48
04:52
05:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
12 फ़रवरी 2025 को पूर्णिमा तिथि 19:23 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
12 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
12 फ़रवरी 2025 को नक्षत्र आश्लेषा और योग सौभाग्य है।
12 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है।
12 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:35 से 13:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।