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रविवार, 18 फ़रवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मृगशिरा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 16:48 से 18:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 08:16 से 08:16 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      08:16 – अगले दिन 08:50

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 08:46 से 09:22 तक

    • फिर

      मृगशिरा

      09:22 – अगले दिन 10:33

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वैधृति

      पिछले दिन 13:43 से 12:38 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      12:38 – अगले दिन 12:00

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 20:11 से 08:16 तक

    • फिर

      तैतिल

      08:16 – 20:29

    • फिर

      गर

      20:29 – अगले दिन 08:50

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · रवि

00061218उद्वेग · 06:57 – 08:21चल · 08:21 – 09:46लाभ · 09:46 – 11:10अमृत · 11:10 – 12:35काल · 12:35 – 13:59शुभ · 13:59 – 15:24रोग · 15:24 – 16:48उद्वेग · 16:48 – 18:13शुभ · 18:13 – 19:48अमृत · 19:48 – 21:23चल · 21:23 – 22:59रोग · 22:59 – 00:34काल · 00:34 – 02:10लाभ · 02:10 – 03:45उद्वेग · 03:45 – 05:21शुभ · 05:21 – 06:56उद्योग · 06:57 – 08:21अमृत · 08:21 – 09:46रोग · 09:46 – 11:10लाभ · 11:10 – 12:35धन · 12:35 – 13:59सुख · 13:59 – 15:24चोर · 15:24 – 16:48विष · 16:48 – 18:13धन · 18:13 – 19:48सुख · 19:48 – 21:23चोर · 21:23 – 22:59विष · 22:59 – 00:34उद्योग · 00:34 – 02:10अमृत · 02:10 – 03:45रोग · 03:45 – 05:21लाभ · 05:21 – 06:56ब्रह्म मुहूर्त · 05:15 – 06:06अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:57अमृत काल · 06:05 – 07:44राहु काल · 16:48 – 18:13यमगण्ड काल · 12:35 – 13:59गुलिक काल · 15:24 – 16:48वर्ज्यम् · 15:15 – 16:55सूर्य · 06:57 – 07:53शुक्र · 07:53 – 08:50बुध · 08:50 – 09:46चंद्र · 09:46 – 10:42शनि · 10:42 – 11:39गुरु · 11:39 – 12:35मंगल · 12:35 – 13:31सूर्य · 13:31 – 14:27शुक्र · 14:27 – 15:24बुध · 15:24 – 16:20चंद्र · 16:20 – 17:16शनि · 17:16 – 18:13गुरु · 18:13 – 19:16मंगल · 19:16 – 20:20सूर्य · 20:20 – 21:23शुक्र · 21:23 – 22:27बुध · 22:27 – 23:31चंद्र · 23:31 – 00:34शनि · 00:34 – 01:38गुरु · 01:38 – 02:42मंगल · 02:42 – 03:45सूर्य · 03:45 – 04:49शुक्र · 04:49 – 05:53बुध · 05:53 – 06:56

18 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
06:57
08:21
09:46
11:10
12:35
13:59
15:24
16:48

रात का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
18:13
19:48
21:23
22:59
00:34
02:10
03:45
05:21

दिन का गौरी

8·1 घं 24 मि
06:57
08:21
09:46
11:10
12:35
13:59
15:24
16:48

रात का गौरी

8·1 घं 35 मि
18:13
19:48
21:23
22:59
00:34
02:10
03:45
05:21
05:15–06:06
12:12–12:57
06:05–07:44
16:48–18:13
12:35–13:59
15:24–16:48
15:15–16:55

दिन के होरा

12·56 मि
06:57
07:53
08:50
09:46
10:42
11:39
12:35
13:31
14:27
15:24
16:20
17:16

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
18:13
19:16
20:20
21:23
22:27
23:31
00:34
01:38
02:42
03:45
04:49
05:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
18 फ़रवरी 2024 को शुक्ल नवमी तिथि 08:16 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
18 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
18 फ़रवरी 2024 को नक्षत्र रोहिणी और योग वैधृति है।
18 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है।
18 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:48 से 18:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।