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शनिवार, 20 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्दशी तिथि सुबह तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 09:45 से 11:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्दशी

      पिछले दिन 11:14 से 08:00 तक

    • फिर

      पूर्णिमा

      08:00 – अगले दिन 04:53

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 18:35 से 16:07 तक

    • फिर

      मघा

      16:07 – अगले दिन 13:51

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शोभन

      पिछले दिन 18:58 से 15:08 तक

    • फिर

      अतिगण्ड

      15:08 – अगले दिन 11:27

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:37 से 08:00 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:00 – 18:25

    • फिर

      बव

      18:25 – अगले दिन 04:53

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्दशी · शनि

00061218काल · 06:55 – 08:20शुभ · 08:20 – 09:45रोग · 09:45 – 11:10उद्वेग · 11:10 – 12:35चल · 12:35 – 13:59लाभ · 13:59 – 15:24अमृत · 15:24 – 16:49काल · 16:49 – 18:14लाभ · 18:14 – 19:49उद्वेग · 19:49 – 21:24शुभ · 21:24 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:34चल · 00:34 – 02:09रोग · 02:09 – 03:44काल · 03:44 – 05:19लाभ · 05:19 – 06:54चोर · 06:55 – 08:20उद्योग · 08:20 – 09:45विष · 09:45 – 11:10अमृत · 11:10 – 12:35रोग · 12:35 – 13:59लाभ · 13:59 – 15:24धन · 15:24 – 16:49सुख · 16:49 – 18:14लाभ · 18:14 – 19:49धन · 19:49 – 21:24सुख · 21:24 – 22:59चोर · 22:59 – 00:34उद्योग · 00:34 – 02:09विष · 02:09 – 03:44अमृत · 03:44 – 05:19रोग · 05:19 – 06:54ब्रह्म मुहूर्त · 05:13 – 06:04अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:57अमृत काल · 14:41 – 16:07राहु काल · 09:45 – 11:10यमगण्ड काल · 13:59 – 15:24गुलिक काल · 06:55 – 08:20वर्ज्यम् · 06:04 – 07:31शनि · 06:55 – 07:52गुरु · 07:52 – 08:48मंगल · 08:48 – 09:45सूर्य · 09:45 – 10:41शुक्र · 10:41 – 11:38बुध · 11:38 – 12:35चंद्र · 12:35 – 13:31शनि · 13:31 – 14:28गुरु · 14:28 – 15:24मंगल · 15:24 – 16:21सूर्य · 16:21 – 17:18शुक्र · 17:18 – 18:14बुध · 18:14 – 19:17चंद्र · 19:17 – 20:21शनि · 20:21 – 21:24गुरु · 21:24 – 22:27मंगल · 22:27 – 23:31सूर्य · 23:31 – 00:34शुक्र · 00:34 – 01:37बुध · 01:37 – 02:41चंद्र · 02:41 – 03:44शनि · 03:44 – 04:47गुरु · 04:47 – 05:51मंगल · 05:51 – 06:54

20 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
06:55
08:20
09:45
11:10
12:35
13:59
15:24
16:49

रात का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
18:14
19:49
21:24
22:59
00:34
02:09
03:44
05:19

दिन का गौरी

8·1 घं 25 मि
06:55
08:20
09:45
11:10
12:35
13:59
15:24
16:49

रात का गौरी

8·1 घं 35 मि
18:14
19:49
21:24
22:59
00:34
02:09
03:44
05:19
05:13–06:04
12:12–12:57
14:41–16:07
09:45–11:10
13:59–15:24
06:55–08:20
06:04–07:31

दिन के होरा

12·57 मि
06:55
07:52
08:48
09:45
10:41
11:38
12:35
13:31
14:28
15:24
16:21
17:18

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
18:14
19:17
20:21
21:24
22:27
23:31
00:34
01:37
02:41
03:44
04:47
05:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
20 फ़रवरी 2027 को शुक्ल चतुर्दशी तिथि 08:00 तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है।
20 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
20 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र आश्लेषा और योग शोभन है।
20 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है।
20 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:45 से 11:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।