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सोमवार, 22 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। द्वितीया तिथि रात तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 08:18 से 09:44 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      02:03 से 23:39 तक

    • फिर

      कृष्ण तृतीया

      23:39 – अगले दिन 21:49

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन 13:51 से 11:55 तक

    • फिर

      उत्तर फाल्गुनी

      11:55 – अगले दिन 10:28

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 11:27 से 08:02 तक

    • फिर

      धृति

      08:02 – अगले दिन 04:59

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      02:03 से 12:47 तक

    • फिर

      गर

      12:47 – 23:39

    • फिर

      वणिज

      23:39 – अगले दिन 10:39

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · सोम

00061218अमृत · 06:53 – 08:18काल · 08:18 – 09:44शुभ · 09:44 – 11:09रोग · 11:09 – 12:34उद्वेग · 12:34 – 14:00चल · 14:00 – 15:25लाभ · 15:25 – 16:50अमृत · 16:50 – 18:16चल · 18:16 – 19:50रोग · 19:50 – 21:25काल · 21:25 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:34उद्वेग · 00:34 – 02:08शुभ · 02:08 – 03:43अमृत · 03:43 – 05:18चल · 05:18 – 06:52अमृत · 06:53 – 08:18विष · 08:18 – 09:44रोग · 09:44 – 11:09लाभ · 11:09 – 12:34धन · 12:34 – 14:00सुख · 14:00 – 15:25चोर · 15:25 – 16:50उद्योग · 16:50 – 18:16सुख · 18:16 – 19:50चोर · 19:50 – 21:25उद्योग · 21:25 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:34विष · 00:34 – 02:08रोग · 02:08 – 03:43लाभ · 03:43 – 05:18धन · 05:18 – 06:52ब्रह्म मुहूर्त · 05:12 – 06:03अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:57अमृत काल · 06:01 – 07:30राहु काल · 08:18 – 09:44यमगण्ड काल · 11:09 – 12:34गुलिक काल · 14:00 – 15:25वर्ज्यम् · 18:41 – 20:11चंद्र · 06:53 – 07:50शनि · 07:50 – 08:47गुरु · 08:47 – 09:44मंगल · 09:44 – 10:41सूर्य · 10:41 – 11:37शुक्र · 11:37 – 12:34बुध · 12:34 – 13:31चंद्र · 13:31 – 14:28शनि · 14:28 – 15:25गुरु · 15:25 – 16:22मंगल · 16:22 – 17:19सूर्य · 17:19 – 18:16शुक्र · 18:16 – 19:19बुध · 19:19 – 20:22चंद्र · 20:22 – 21:25शनि · 21:25 – 22:28गुरु · 22:28 – 23:31मंगल · 23:31 – 00:34सूर्य · 00:34 – 01:37शुक्र · 01:37 – 02:40बुध · 02:40 – 03:43चंद्र · 03:43 – 04:46शनि · 04:46 – 05:49गुरु · 05:49 – 06:52

22 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
06:53
08:18
09:44
11:09
12:34
14:00
15:25
16:50

रात का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
18:16
19:50
21:25
22:59
00:34
02:08
03:43
05:18

दिन का गौरी

8·1 घं 25 मि
06:53
08:18
09:44
11:09
12:34
14:00
15:25
16:50

रात का गौरी

8·1 घं 35 मि
18:16
19:50
21:25
22:59
00:34
02:08
03:43
05:18
05:12–06:03
12:12–12:57
06:01–07:30
08:18–09:44
11:09–12:34
14:00–15:25
18:41–20:11

दिन के होरा

12·57 मि
06:53
07:50
08:47
09:44
10:41
11:37
12:34
13:31
14:28
15:25
16:22
17:19

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
18:16
19:19
20:22
21:25
22:28
23:31
00:34
01:37
02:40
03:43
04:46
05:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
22 फ़रवरी 2027 को कृष्ण द्वितीया तिथि 23:39 तक है, फिर कृष्ण तृतीया आरंभ होती है।
22 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग सुकर्मा है।
22 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है।
22 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:18 से 09:44 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।