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रविवार, 23 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि दोपहर तक है, फिर विजया एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:11 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 16:51 से 18:17 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 13:19 से 13:56 तक

    • फिर

      विजया एकादशी

      13:56 – अगले दिन 13:45

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 17:40 से 18:42 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      18:42 – अगले दिन 18:59

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      पिछले दिन 11:55 से 11:18 तक

    • फिर

      सिद्धि

      11:18 – अगले दिन 10:05

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      01:43 से 13:56 तक

    • फिर

      बव

      13:56 – अगले दिन 01:56

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · रवि

00061218उद्वेग · 06:52 – 08:17चल · 08:17 – 09:43लाभ · 09:43 – 11:09अमृत · 11:09 – 12:34काल · 12:34 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:25रोग · 15:25 – 16:51उद्वेग · 16:51 – 18:17शुभ · 18:17 – 19:51अमृत · 19:51 – 21:25चल · 21:25 – 22:59रोग · 22:59 – 00:34काल · 00:34 – 02:08लाभ · 02:08 – 03:42उद्वेग · 03:42 – 05:17शुभ · 05:17 – 06:51उद्योग · 06:52 – 08:17अमृत · 08:17 – 09:43रोग · 09:43 – 11:09लाभ · 11:09 – 12:34धन · 12:34 – 14:00सुख · 14:00 – 15:25चोर · 15:25 – 16:51विष · 16:51 – 18:17धन · 18:17 – 19:51सुख · 19:51 – 21:25चोर · 21:25 – 22:59विष · 22:59 – 00:34उद्योग · 00:34 – 02:08अमृत · 02:08 – 03:42रोग · 03:42 – 05:17लाभ · 05:17 – 06:51ब्रह्म मुहूर्त · 05:11 – 06:01अभिजित मुहूर्त · 12:11 – 12:57अमृत काल · 12:02 – 13:42राहु काल · 16:51 – 18:17यमगण्ड काल · 12:34 – 14:00गुलिक काल · 15:25 – 16:51वर्ज्यम् · 17:02 – 18:42सूर्य · 06:52 – 07:49शुक्र · 07:49 – 08:46बुध · 08:46 – 09:43चंद्र · 09:43 – 10:40शनि · 10:40 – 11:37गुरु · 11:37 – 12:34मंगल · 12:34 – 13:31सूर्य · 13:31 – 14:28शुक्र · 14:28 – 15:25बुध · 15:25 – 16:22चंद्र · 16:22 – 17:19शनि · 17:19 – 18:17गुरु · 18:17 – 19:19मंगल · 19:19 – 20:22सूर्य · 20:22 – 21:25शुक्र · 21:25 – 22:28बुध · 22:28 – 23:31चंद्र · 23:31 – 00:34शनि · 00:34 – 01:37गुरु · 01:37 – 02:39मंगल · 02:39 – 03:42सूर्य · 03:42 – 04:45शुक्र · 04:45 – 05:48बुध · 05:48 – 06:51

23 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:52
08:17
09:43
11:09
12:34
14:00
15:25
16:51

रात का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
18:17
19:51
21:25
22:59
00:34
02:08
03:42
05:17

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:52
08:17
09:43
11:09
12:34
14:00
15:25
16:51

रात का गौरी

8·1 घं 34 मि
18:17
19:51
21:25
22:59
00:34
02:08
03:42
05:17
05:11–06:01
12:11–12:57
12:02–13:42
16:51–18:17
12:34–14:00
15:25–16:51
17:02–18:42

दिन के होरा

12·57 मि
06:52
07:49
08:46
09:43
10:40
11:37
12:34
13:31
14:28
15:25
16:22
17:19

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
18:17
19:19
20:22
21:25
22:28
23:31
00:34
01:37
02:39
03:42
04:45
05:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
23 फ़रवरी 2025 को कृष्ण दशमी तिथि 13:56 तक है, फिर विजया एकादशी आरंभ होती है।
23 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
23 फ़रवरी 2025 को नक्षत्र मूल और योग वज्र है।
23 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है।
23 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:51 से 18:17 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।