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बुधवार, 24 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। चतुर्थी तिथि रात तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में सुबह तक है, फिर चित्रा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:34 से 14:00 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 24 फ़रवरी

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय21:59

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 21:49 से 20:40 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      20:40 – अगले दिन 20:17

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 10:28 से 09:39 तक

    • फिर

      चित्रा

      09:39 – अगले दिन 09:33

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • गण्ड

      02:26 से अगले दिन 00:27 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      पिछले दिन 21:49 से 09:09 तक

    • फिर

      बालव

      09:09 – 20:40

    • फिर

      कौलव

      20:40 – अगले दिन 08:23

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · बुध

00061218लाभ · 06:51 – 08:17अमृत · 08:17 – 09:43काल · 09:43 – 11:08शुभ · 11:08 – 12:34रोग · 12:34 – 14:00उद्वेग · 14:00 – 15:26चल · 15:26 – 16:51लाभ · 16:51 – 18:17उद्वेग · 18:17 – 19:51शुभ · 19:51 – 21:25अमृत · 21:25 – 22:59चल · 22:59 – 00:34रोग · 00:34 – 02:08काल · 02:08 – 03:42लाभ · 03:42 – 05:16उद्वेग · 05:16 – 06:50लाभ · 06:51 – 08:17धन · 08:17 – 09:43सुख · 09:43 – 11:08चोर · 11:08 – 12:34विष · 12:34 – 14:00उद्योग · 14:00 – 15:26अमृत · 15:26 – 16:51रोग · 16:51 – 18:17उद्योग · 18:17 – 19:51अमृत · 19:51 – 21:25रोग · 21:25 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:34धन · 00:34 – 02:08सुख · 02:08 – 03:42चोर · 03:42 – 05:16विष · 05:16 – 06:50ब्रह्म मुहूर्त · 05:11 – 06:01अमृत काल · 03:10 – 04:46राहु काल · 12:34 – 14:00यमगण्ड काल · 08:17 – 09:43गुलिक काल · 11:08 – 12:34वर्ज्यम् · 17:37 – 19:12बुध · 06:51 – 07:48चंद्र · 07:48 – 08:46शनि · 08:46 – 09:43गुरु · 09:43 – 10:40मंगल · 10:40 – 11:37सूर्य · 11:37 – 12:34शुक्र · 12:34 – 13:31बुध · 13:31 – 14:28चंद्र · 14:28 – 15:26शनि · 15:26 – 16:23गुरु · 16:23 – 17:20मंगल · 17:20 – 18:17सूर्य · 18:17 – 19:20शुक्र · 19:20 – 20:22बुध · 20:22 – 21:25चंद्र · 21:25 – 22:28शनि · 22:28 – 23:31गुरु · 23:31 – 00:34मंगल · 00:34 – 01:36सूर्य · 01:36 – 02:39शुक्र · 02:39 – 03:42बुध · 03:42 – 04:45चंद्र · 04:45 – 05:47शनि · 05:47 – 06:50

24 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:51
08:17
09:43
11:08
12:34
14:00
15:26
16:51

रात का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
18:17
19:51
21:25
22:59
00:34
02:08
03:42
05:16

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:51
08:17
09:43
11:08
12:34
14:00
15:26
16:51

रात का गौरी

8·1 घं 34 मि
18:17
19:51
21:25
22:59
00:34
02:08
03:42
05:16
05:11–06:01
03:10–04:46
12:34–14:00
08:17–09:43
11:08–12:34
17:37–19:12

दिन के होरा

12·57 मि
06:51
07:48
08:46
09:43
10:40
11:37
12:34
13:31
14:28
15:26
16:23
17:20

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
18:17
19:20
20:22
21:25
22:28
23:31
00:34
01:36
02:39
03:42
04:45
05:47

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
24 फ़रवरी 2027 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 20:40 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
24 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
24 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र हस्त और योग गण्ड है।
24 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है।
24 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:34 से 14:00 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।