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मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। द्वादशी तिथि दोपहर तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर श्रवण में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:11 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 15:26 से 16:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 13:45 से 12:47 तक

    • फिर

      कृष्ण त्रयोदशी

      12:47 – अगले दिन 11:08

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 18:59 से 18:30 तक

    • फिर

      श्रवण

      18:30 – अगले दिन 17:23

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 10:05 से 08:14 तक

    • फिर

      वरीयान्

      08:14 – अगले दिन 05:50

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      01:22 से 12:47 तक

    • फिर

      गर

      12:47 – अगले दिन 00:03

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · मंगल

00061218रोग · 06:50 – 08:16उद्वेग · 08:16 – 09:42चल · 09:42 – 11:08लाभ · 11:08 – 12:34अमृत · 12:34 – 14:00काल · 14:00 – 15:26शुभ · 15:26 – 16:52रोग · 16:52 – 18:18काल · 18:18 – 19:52लाभ · 19:52 – 21:26उद्वेग · 21:26 – 23:00शुभ · 23:00 – 00:33अमृत · 00:33 – 02:07चल · 02:07 – 03:41रोग · 03:41 – 05:15काल · 05:15 – 06:49रोग · 06:50 – 08:16लाभ · 08:16 – 09:42धन · 09:42 – 11:08सुख · 11:08 – 12:34चोर · 12:34 – 14:00उद्योग · 14:00 – 15:26विष · 15:26 – 16:52अमृत · 16:52 – 18:18चोर · 18:18 – 19:52उद्योग · 19:52 – 21:26विष · 21:26 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:33रोग · 00:33 – 02:07लाभ · 02:07 – 03:41धन · 03:41 – 05:15सुख · 05:15 – 06:49ब्रह्म मुहूर्त · 05:09 – 06:00अभिजित मुहूर्त · 12:11 – 12:57अमृत काल · 12:14 – 13:48राहु काल · 15:26 – 16:52यमगण्ड काल · 09:42 – 11:08गुलिक काल · 12:34 – 14:00वर्ज्यम् · 22:19 – 23:51मंगल · 06:50 – 07:47सूर्य · 07:47 – 08:44शुक्र · 08:44 – 09:42बुध · 09:42 – 10:39चंद्र · 10:39 – 11:37शनि · 11:37 – 12:34गुरु · 12:34 – 13:31मंगल · 13:31 – 14:29सूर्य · 14:29 – 15:26शुक्र · 15:26 – 16:23बुध · 16:23 – 17:21चंद्र · 17:21 – 18:18शनि · 18:18 – 19:20गुरु · 19:20 – 20:23मंगल · 20:23 – 21:26सूर्य · 21:26 – 22:28शुक्र · 22:28 – 23:31बुध · 23:31 – 00:33चंद्र · 00:33 – 01:36शनि · 01:36 – 02:39गुरु · 02:39 – 03:41मंगल · 03:41 – 04:44सूर्य · 04:44 – 05:46शुक्र · 05:46 – 06:49

25 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:50
08:16
09:42
11:08
12:34
14:00
15:26
16:52

रात का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
18:18
19:52
21:26
23:00
00:33
02:07
03:41
05:15

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:50
08:16
09:42
11:08
12:34
14:00
15:26
16:52

रात का गौरी

8·1 घं 34 मि
18:18
19:52
21:26
23:00
00:33
02:07
03:41
05:15
05:09–06:00
12:11–12:57
12:14–13:48
15:26–16:52
09:42–11:08
12:34–14:00
22:19–23:51

दिन के होरा

12·57 मि
06:50
07:47
08:44
09:42
10:39
11:37
12:34
13:31
14:29
15:26
16:23
17:21

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
18:18
19:20
20:23
21:26
22:28
23:31
00:33
01:36
02:39
03:41
04:44
05:46

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
25 फ़रवरी 2025 को कृष्ण द्वादशी तिथि 12:47 तक है, फिर कृष्ण त्रयोदशी आरंभ होती है।
25 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 फ़रवरी 2025 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग व्यतीपात है।
25 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है।
25 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:26 से 16:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।