मुख्य सामग्री पर जाएँ

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्दशी तिथि सुबह तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर शतभिषा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:10 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 14:00 से 15:26 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कुम्भ राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 11:08 से 08:55 तक

    • फिर

      अमावस्या

      08:55 – अगले दिन 06:14

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा

      पिछले दिन 17:23 से 15:43 तक

    • फिर

      शतभिषा

      15:43 – अगले दिन 13:40

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शिव

      02:57 से 23:40 तक

    • फिर

      सिद्ध

      23:40 – अगले दिन 20:07

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • शकुनि

      पिछले दिन 22:05 से 08:55 तक

    • फिर

      चतुष्पाद

      08:55 – 19:37

    • फिर

      नाग

      19:37 – अगले दिन 06:14

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · गुरु

00061218शुभ · 06:48 – 08:14रोग · 08:14 – 09:41उद्वेग · 09:41 – 11:07चल · 11:07 – 12:34लाभ · 12:34 – 14:00अमृत · 14:00 – 15:26काल · 15:26 – 16:53शुभ · 16:53 – 18:19अमृत · 18:19 – 19:53चल · 19:53 – 21:26रोग · 21:26 – 23:00काल · 23:00 – 00:33लाभ · 00:33 – 02:06उद्वेग · 02:06 – 03:40शुभ · 03:40 – 05:13अमृत · 05:13 – 06:47धन · 06:48 – 08:14सुख · 08:14 – 09:41चोर · 09:41 – 11:07उद्योग · 11:07 – 12:34अमृत · 12:34 – 14:00विष · 14:00 – 15:26रोग · 15:26 – 16:53लाभ · 16:53 – 18:19अमृत · 18:19 – 19:53विष · 19:53 – 21:26रोग · 21:26 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:33धन · 00:33 – 02:06सुख · 02:06 – 03:40चोर · 03:40 – 05:13उद्योग · 05:13 – 06:47ब्रह्म मुहूर्त · 05:08 – 05:58अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:57अमृत काल · 06:02 – 07:32राहु काल · 14:00 – 15:26यमगण्ड काल · 06:48 – 08:14गुलिक काल · 09:41 – 11:07वर्ज्यम् · 22:18 – 23:46गुरु · 06:48 – 07:45मंगल · 07:45 – 08:43सूर्य · 08:43 – 09:41शुक्र · 09:41 – 10:38बुध · 10:38 – 11:36चंद्र · 11:36 – 12:34शनि · 12:34 – 13:31गुरु · 13:31 – 14:29मंगल · 14:29 – 15:26सूर्य · 15:26 – 16:24शुक्र · 16:24 – 17:22बुध · 17:22 – 18:19चंद्र · 18:19 – 19:22शनि · 19:22 – 20:24गुरु · 20:24 – 21:26मंगल · 21:26 – 22:28सूर्य · 22:28 – 23:31शुक्र · 23:31 – 00:33बुध · 00:33 – 01:35चंद्र · 01:35 – 02:38शनि · 02:38 – 03:40गुरु · 03:40 – 04:42मंगल · 04:42 – 05:44सूर्य · 05:44 – 06:47

27 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:48
08:14
09:41
11:07
12:34
14:00
15:26
16:53

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
18:19
19:53
21:26
23:00
00:33
02:06
03:40
05:13

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:48
08:14
09:41
11:07
12:34
14:00
15:26
16:53

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
18:19
19:53
21:26
23:00
00:33
02:06
03:40
05:13
05:08–05:58
12:10–12:57
06:02–07:32
14:00–15:26
06:48–08:14
09:41–11:07
22:18–23:46

दिन के होरा

12·58 मि
06:48
07:45
08:43
09:41
10:38
11:36
12:34
13:31
14:29
15:26
16:24
17:22

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
18:19
19:22
20:24
21:26
22:28
23:31
00:33
01:35
02:38
03:40
04:42
05:44

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
27 फ़रवरी 2025 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 08:55 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
27 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
27 फ़रवरी 2025 को नक्षत्र धनिष्ठा और योग शिव है।
27 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है।
27 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:00 से 15:26 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।