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रविवार, 28 फ़रवरी 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर ज्येष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:10 से 12:57 तक शुभ है; राहु काल 16:53 से 18:20 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 21:55 से 23:46 तक

    • फिर

      कृष्ण नवमी

      23:46 – अगले दिन 02:07

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 11:40 से 13:47 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      13:47 – अगले दिन 16:27

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • हर्षण

      पिछले दिन 22:08 से 22:28 तक

    • फिर

      वज्र

      22:28 – अगले दिन 23:11

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 21:55 से 10:46 तक

    • फिर

      कौलव

      10:46 – 23:46

    • फिर

      तैतिल

      23:46 – अगले दिन 12:54

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · रवि

00061218उद्वेग · 06:47 – 08:14चल · 08:14 – 09:40लाभ · 09:40 – 11:07अमृत · 11:07 – 12:33काल · 12:33 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:27रोग · 15:27 – 16:53उद्वेग · 16:53 – 18:20शुभ · 18:20 – 19:53अमृत · 19:53 – 21:26चल · 21:26 – 23:00रोग · 23:00 – 00:33काल · 00:33 – 02:06लाभ · 02:06 – 03:40उद्वेग · 03:40 – 05:13शुभ · 05:13 – 06:46उद्योग · 06:47 – 08:14अमृत · 08:14 – 09:40रोग · 09:40 – 11:07लाभ · 11:07 – 12:33धन · 12:33 – 14:00सुख · 14:00 – 15:27चोर · 15:27 – 16:53विष · 16:53 – 18:20धन · 18:20 – 19:53सुख · 19:53 – 21:26चोर · 21:26 – 23:00विष · 23:00 – 00:33उद्योग · 00:33 – 02:06अमृत · 02:06 – 03:40रोग · 03:40 – 05:13लाभ · 05:13 – 06:46ब्रह्म मुहूर्त · 05:07 – 05:57अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:57अमृत काल · 06:40 – 08:27राहु काल · 16:53 – 18:20यमगण्ड काल · 12:33 – 14:00गुलिक काल · 15:27 – 16:53वर्ज्यम् · 20:00 – 21:47सूर्य · 06:47 – 07:45शुक्र · 07:45 – 08:43बुध · 08:43 – 09:40चंद्र · 09:40 – 10:38शनि · 10:38 – 11:36गुरु · 11:36 – 12:33मंगल · 12:33 – 13:31सूर्य · 13:31 – 14:29शुक्र · 14:29 – 15:27बुध · 15:27 – 16:24चंद्र · 16:24 – 17:22शनि · 17:22 – 18:20गुरु · 18:20 – 19:22मंगल · 19:22 – 20:24सूर्य · 20:24 – 21:26शुक्र · 21:26 – 22:28बुध · 22:28 – 23:31चंद्र · 23:31 – 00:33शनि · 00:33 – 01:35गुरु · 01:35 – 02:37मंगल · 02:37 – 03:40सूर्य · 03:40 – 04:42शुक्र · 04:42 – 05:44बुध · 05:44 – 06:46

28 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:47
08:14
09:40
11:07
12:33
14:00
15:27
16:53

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
18:20
19:53
21:26
23:00
00:33
02:06
03:40
05:13

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:47
08:14
09:40
11:07
12:33
14:00
15:27
16:53

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
18:20
19:53
21:26
23:00
00:33
02:06
03:40
05:13
05:07–05:57
12:10–12:57
06:40–08:27
16:53–18:20
12:33–14:00
15:27–16:53
20:00–21:47

दिन के होरा

12·58 मि
06:47
07:45
08:43
09:40
10:38
11:36
12:33
13:31
14:29
15:27
16:24
17:22

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
18:20
19:22
20:24
21:26
22:28
23:31
00:33
01:35
02:37
03:40
04:42
05:44

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 फ़रवरी 2027 की तिथि क्या है?
28 फ़रवरी 2027 को कृष्ण अष्टमी तिथि 23:46 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
28 फ़रवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
28 फ़रवरी 2027 को नक्षत्र अनुराधा और योग हर्षण है।
28 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है।
28 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:53 से 18:20 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।