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सोमवार, 15 जनवरी 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन मकर संक्रांति है। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 08:33 से 09:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

इस दिन के पर्व

सोमवार, 15 जनवरी

मकर संक्रांति

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। पतंगबाज़ी, तिल-गुड़ की मिठाइयाँ और फसल उत्सव के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      04:59 से अगले दिन 02:17 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 10:22 से 08:06 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      08:06 – अगले दिन 06:10

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वरीयान्

      02:39 से 23:10 तक

    • फिर

      परिघ

      23:10 – अगले दिन 20:00

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      04:59 से 15:35 तक

    • फिर

      बालव

      15:35 – अगले दिन 02:17

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · सोम

00061218अमृत · 07:15 – 08:33काल · 08:33 – 09:52शुभ · 09:52 – 11:11रोग · 11:11 – 12:30उद्वेग · 12:30 – 13:49चल · 13:49 – 15:08लाभ · 15:08 – 16:26अमृत · 16:26 – 17:45चल · 17:45 – 19:26रोग · 19:26 – 21:08काल · 21:08 – 22:49लाभ · 22:49 – 00:30उद्वेग · 00:30 – 02:11शुभ · 02:11 – 03:52अमृत · 03:52 – 05:33चल · 05:33 – 07:14अमृत · 07:15 – 08:33विष · 08:33 – 09:52रोग · 09:52 – 11:11लाभ · 11:11 – 12:30धन · 12:30 – 13:49सुख · 13:49 – 15:08चोर · 15:08 – 16:26उद्योग · 16:26 – 17:45सुख · 17:45 – 19:26चोर · 19:26 – 21:08उद्योग · 21:08 – 22:49अमृत · 22:49 – 00:30विष · 00:30 – 02:11रोग · 02:11 – 03:52लाभ · 03:52 – 05:33धन · 05:33 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:27 – 06:21अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:51अमृत काल · 22:49 – 00:17राहु काल · 08:33 – 09:52यमगण्ड काल · 11:11 – 12:30गुलिक काल · 13:49 – 15:08वर्ज्यम् · 13:59 – 15:28चंद्र · 07:15 – 08:07शनि · 08:07 – 09:00गुरु · 09:00 – 09:52मंगल · 09:52 – 10:45सूर्य · 10:45 – 11:37शुक्र · 11:37 – 12:30बुध · 12:30 – 13:22चंद्र · 13:22 – 14:15शनि · 14:15 – 15:08गुरु · 15:08 – 16:00मंगल · 16:00 – 16:53सूर्य · 16:53 – 17:45शुक्र · 17:45 – 18:53बुध · 18:53 – 20:00चंद्र · 20:00 – 21:08शनि · 21:08 – 22:15गुरु · 22:15 – 23:22मंगल · 23:22 – 00:30सूर्य · 00:30 – 01:37शुक्र · 01:37 – 02:45बुध · 02:45 – 03:52चंद्र · 03:52 – 05:00शनि · 05:00 – 06:07गुरु · 06:07 – 07:14

15 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:08
16:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:08
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:08
16:26

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:45
19:26
21:08
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33
05:27–06:21
12:09–12:51
22:49–00:17
08:33–09:52
11:11–12:30
13:49–15:08
13:59–15:28

दिन के होरा

12·53 मि
07:15
08:07
09:00
09:52
10:45
11:37
12:30
13:22
14:15
15:08
16:00
16:53

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:45
18:53
20:00
21:08
22:15
23:22
00:30
01:37
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
15 जनवरी 2024 को शुक्ल पंचमी तिथि 16 जनवरी 02:17 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
15 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
15 जनवरी 2024 को नक्षत्र शतभिषा और योग वरीयान् है।
15 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है।
15 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:33 से 09:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।