मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन मकर संक्रांति है। सप्तमी तिथि दोपहर तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में रात तक है, फिर अश्विनी में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 11:11 से 12:30 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

इस दिन के पर्व

शुक्रवार, 15 जनवरी

मकर संक्रांति

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। पतंगबाज़ी, तिल-गुड़ की मिठाइयाँ और फसल उत्सव के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल सप्तमी

      पिछले दिन 13:58 से 14:13 तक

    • फिर

      शुक्ल अष्टमी

      14:13 – अगले दिन 13:43

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन 23:18 से 23:51 तक

    • फिर

      अश्विनी

      23:51 – अगले दिन 23:38

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शिव

      पिछले दिन 17:22 से 16:18 तक

    • फिर

      सिद्ध

      16:18 – अगले दिन 14:38

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      02:11 से 14:13 तक

    • फिर

      विष्टि

      14:13 – अगले दिन 02:04

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल सप्तमी · शुक्र

00061218चल · 07:15 – 08:33लाभ · 08:33 – 09:52अमृत · 09:52 – 11:11काल · 11:11 – 12:30शुभ · 12:30 – 13:49रोग · 13:49 – 15:08उद्वेग · 15:08 – 16:27चल · 16:27 – 17:46रोग · 17:46 – 19:27काल · 19:27 – 21:08लाभ · 21:08 – 22:49उद्वेग · 22:49 – 00:30शुभ · 00:30 – 02:11अमृत · 02:11 – 03:52चल · 03:52 – 05:33रोग · 05:33 – 07:14सुख · 07:15 – 08:33चोर · 08:33 – 09:52उद्योग · 09:52 – 11:11विष · 11:11 – 12:30अमृत · 12:30 – 13:49रोग · 13:49 – 15:08लाभ · 15:08 – 16:27धन · 16:27 – 17:46रोग · 17:46 – 19:27लाभ · 19:27 – 21:08धन · 21:08 – 22:49सुख · 22:49 – 00:30चोर · 00:30 – 02:11उद्योग · 02:11 – 03:52विष · 03:52 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:27 – 06:21अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:51अमृत काल · 21:23 – 23:02राहु काल · 11:11 – 12:30यमगण्ड काल · 15:08 – 16:27गुलिक काल · 08:33 – 09:52वर्ज्यम् · 11:35 – 13:13शुक्र · 07:15 – 08:07बुध · 08:07 – 09:00चंद्र · 09:00 – 09:52शनि · 09:52 – 10:45गुरु · 10:45 – 11:37मंगल · 11:37 – 12:30सूर्य · 12:30 – 13:23शुक्र · 13:23 – 14:15बुध · 14:15 – 15:08चंद्र · 15:08 – 16:00शनि · 16:00 – 16:53गुरु · 16:53 – 17:46मंगल · 17:46 – 18:53सूर्य · 18:53 – 20:00शुक्र · 20:00 – 21:08बुध · 21:08 – 22:15चंद्र · 22:15 – 23:23शनि · 23:23 – 00:30गुरु · 00:30 – 01:37मंगल · 01:37 – 02:45सूर्य · 02:45 – 03:52शुक्र · 03:52 – 05:00बुध · 05:00 – 06:07चंद्र · 06:07 – 07:14

15 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:08
16:27

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:46
19:27
21:08
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:15
08:33
09:52
11:11
12:30
13:49
15:08
16:27

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:46
19:27
21:08
22:49
00:30
02:11
03:52
05:33
05:27–06:21
12:09–12:51
21:23–23:02
11:11–12:30
15:08–16:27
08:33–09:52
11:35–13:13

दिन के होरा

12·53 मि
07:15
08:07
09:00
09:52
10:45
11:37
12:30
13:23
14:15
15:08
16:00
16:53

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:46
18:53
20:00
21:08
22:15
23:23
00:30
01:37
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
15 जनवरी 2027 को शुक्ल सप्तमी तिथि 14:13 तक है, फिर शुक्ल अष्टमी आरंभ होती है।
15 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
15 जनवरी 2027 को नक्षत्र रेवती और योग शिव है।
15 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है।
15 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:11 से 12:30 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।