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रविवार, 19 जनवरी 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि सुबह तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में शाम तक है, फिर हस्त में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:10 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 16:30 से 17:49 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 05:30 से 07:31 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      07:31 – अगले दिन 09:58

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 14:51 से 17:30 तक

    • फिर

      हस्त

      17:30 – अगले दिन 20:30

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • अतिगण्ड

      01:15 से अगले दिन 01:57 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      पिछले दिन 18:26 से 07:31 तक

    • फिर

      गर

      07:31 – 20:42

    • फिर

      वणिज

      20:42 – अगले दिन 09:58

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · रवि

00061218उद्वेग · 07:14 – 08:33चल · 08:33 – 09:53लाभ · 09:53 – 11:12अमृत · 11:12 – 12:31काल · 12:31 – 13:51शुभ · 13:51 – 15:10रोग · 15:10 – 16:30उद्वेग · 16:30 – 17:49शुभ · 17:49 – 19:30अमृत · 19:30 – 21:10चल · 21:10 – 22:51रोग · 22:51 – 00:31काल · 00:31 – 02:12लाभ · 02:12 – 03:52उद्वेग · 03:52 – 05:33शुभ · 05:33 – 07:14उद्योग · 07:14 – 08:33अमृत · 08:33 – 09:53रोग · 09:53 – 11:12लाभ · 11:12 – 12:31धन · 12:31 – 13:51सुख · 13:51 – 15:10चोर · 15:10 – 16:30विष · 16:30 – 17:49धन · 17:49 – 19:30सुख · 19:30 – 21:10चोर · 21:10 – 22:51विष · 22:51 – 00:31उद्योग · 00:31 – 02:12अमृत · 02:12 – 03:52रोग · 03:52 – 05:33लाभ · 05:33 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:53अमृत काल · 09:30 – 11:17राहु काल · 16:30 – 17:49यमगण्ड काल · 12:31 – 13:51गुलिक काल · 15:10 – 16:30वर्ज्यम् · 02:57 – 04:45सूर्य · 07:14 – 08:07शुक्र · 08:07 – 09:00बुध · 09:00 – 09:53चंद्र · 09:53 – 10:46शनि · 10:46 – 11:39गुरु · 11:39 – 12:31मंगल · 12:31 – 13:24सूर्य · 13:24 – 14:17शुक्र · 14:17 – 15:10बुध · 15:10 – 16:03चंद्र · 16:03 – 16:56शनि · 16:56 – 17:49गुरु · 17:49 – 18:56मंगल · 18:56 – 20:03सूर्य · 20:03 – 21:10शुक्र · 21:10 – 22:17बुध · 22:17 – 23:24चंद्र · 23:24 – 00:31शनि · 00:31 – 01:38गुरु · 01:38 – 02:45मंगल · 02:45 – 03:52सूर्य · 03:52 – 04:59शुक्र · 04:59 – 06:07बुध · 06:07 – 07:14

19 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:51
15:10
16:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:49
19:30
21:10
22:51
00:31
02:12
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:51
15:10
16:30

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:49
19:30
21:10
22:51
00:31
02:12
03:52
05:33
05:26–06:20
12:10–12:53
09:30–11:17
16:30–17:49
12:31–13:51
15:10–16:30
02:57–04:45

दिन के होरा

12·53 मि
07:14
08:07
09:00
09:53
10:46
11:39
12:31
13:24
14:17
15:10
16:03
16:56

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:49
18:56
20:03
21:10
22:17
23:24
00:31
01:38
02:45
03:52
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
19 जनवरी 2025 को कृष्ण पंचमी तिथि 07:31 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
19 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
19 जनवरी 2025 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग अतिगण्ड है।
19 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है।
19 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:30 से 17:49 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।