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शनिवार, 2 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि दोपहर तक है, फिर सफला एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में रात तक है, फिर विशाखा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:04 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 09:49 से 11:07 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 13:10 से 14:24 तक

    • फिर

      सफला एकादशी

      14:24 – अगले दिन 16:08

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति

      पिछले दिन 17:29 से 19:19 तक

    • फिर

      विशाखा

      19:19 – अगले दिन 21:37

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 11:43 से 11:28 तक

    • फिर

      धृति

      11:28 – अगले दिन 11:37

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      01:43 से 14:24 तक

    • फिर

      बव

      14:24 – अगले दिन 03:13

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · शनि

00061218काल · 07:14 – 08:31शुभ · 08:31 – 09:49रोग · 09:49 – 11:07उद्वेग · 11:07 – 12:25चल · 12:25 – 13:42लाभ · 13:42 – 15:00अमृत · 15:00 – 16:18काल · 16:18 – 17:35लाभ · 17:35 – 19:18उद्वेग · 19:18 – 21:00शुभ · 21:00 – 22:42अमृत · 22:42 – 00:25चल · 00:25 – 02:07रोग · 02:07 – 03:49काल · 03:49 – 05:31लाभ · 05:31 – 07:14चोर · 07:14 – 08:31उद्योग · 08:31 – 09:49विष · 09:49 – 11:07अमृत · 11:07 – 12:25रोग · 12:25 – 13:42लाभ · 13:42 – 15:00धन · 15:00 – 16:18सुख · 16:18 – 17:35लाभ · 17:35 – 19:18धन · 19:18 – 21:00सुख · 21:00 – 22:42चोर · 22:42 – 00:25उद्योग · 00:25 – 02:07विष · 02:07 – 03:49अमृत · 03:49 – 05:31रोग · 05:31 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:24 – 06:19अभिजित मुहूर्त · 12:04 – 12:45अमृत काल · 09:51 – 11:34राहु काल · 09:49 – 11:07यमगण्ड काल · 13:42 – 15:00गुलिक काल · 07:14 – 08:31वर्ज्यम् · 01:27 – 03:12शनि · 07:14 – 08:05गुरु · 08:05 – 08:57मंगल · 08:57 – 09:49सूर्य · 09:49 – 10:41शुक्र · 10:41 – 11:33बुध · 11:33 – 12:25चंद्र · 12:25 – 13:16शनि · 13:16 – 14:08गुरु · 14:08 – 15:00मंगल · 15:00 – 15:52सूर्य · 15:52 – 16:44शुक्र · 16:44 – 17:35बुध · 17:35 – 18:44चंद्र · 18:44 – 19:52शनि · 19:52 – 21:00गुरु · 21:00 – 22:08मंगल · 22:08 – 23:16सूर्य · 23:16 – 00:25शुक्र · 00:25 – 01:33बुध · 01:33 – 02:41चंद्र · 02:41 – 03:49शनि · 03:49 – 04:57गुरु · 04:57 – 06:06मंगल · 06:06 – 07:14

2 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:14
08:31
09:49
11:07
12:25
13:42
15:00
16:18

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:35
19:18
21:00
22:42
00:25
02:07
03:49
05:31

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:14
08:31
09:49
11:07
12:25
13:42
15:00
16:18

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:35
19:18
21:00
22:42
00:25
02:07
03:49
05:31
05:24–06:19
12:04–12:45
09:51–11:34
09:49–11:07
13:42–15:00
07:14–08:31
01:27–03:12

दिन के होरा

12·52 मि
07:14
08:05
08:57
09:49
10:41
11:33
12:25
13:16
14:08
15:00
15:52
16:44

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:35
18:44
19:52
21:00
22:08
23:16
00:25
01:33
02:41
03:49
04:57
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
2 जनवरी 2027 को कृष्ण दशमी तिथि 14:24 तक है, फिर सफला एकादशी आरंभ होती है।
2 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
2 जनवरी 2027 को नक्षत्र स्वाति और योग सुकर्मा है।
2 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है।
2 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:49 से 11:07 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।