मुख्य सामग्री पर जाएँ

गुरुवार, 21 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर पुनर्वसु में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:11 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 13:52 से 15:11 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्दशी

      01:11 से 21:30 तक

    • फिर

      पूर्णिमा

      21:30 – अगले दिन 17:47

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 16:17 से 13:24 तक

    • फिर

      पुनर्वसु

      13:24 – अगले दिन 10:25

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 22:23 से 18:08 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      18:08 – अगले दिन 13:50

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • गर

      01:11 से 11:21 तक

    • फिर

      वणिज

      11:21 – 21:30

    • फिर

      विष्टि

      21:30 – अगले दिन 07:38

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्दशी · गुरु

00061218शुभ · 07:13 – 08:33रोग · 08:33 – 09:53उद्वेग · 09:53 – 11:12चल · 11:12 – 12:32लाभ · 12:32 – 13:52अमृत · 13:52 – 15:11काल · 15:11 – 16:31शुभ · 16:31 – 17:50अमृत · 17:50 – 19:31चल · 19:31 – 21:11रोग · 21:11 – 22:51काल · 22:51 – 00:32लाभ · 00:32 – 02:12उद्वेग · 02:12 – 03:52शुभ · 03:52 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:13धन · 07:13 – 08:33सुख · 08:33 – 09:53चोर · 09:53 – 11:12उद्योग · 11:12 – 12:32अमृत · 12:32 – 13:52विष · 13:52 – 15:11रोग · 15:11 – 16:31लाभ · 16:31 – 17:50अमृत · 17:50 – 19:31विष · 19:31 – 21:11रोग · 21:11 – 22:51लाभ · 22:51 – 00:32धन · 00:32 – 02:12सुख · 02:12 – 03:52चोर · 03:52 – 05:33उद्योग · 05:33 – 07:13ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:11 – 12:53राहु काल · 13:52 – 15:11यमगण्ड काल · 07:13 – 08:33गुलिक काल · 09:53 – 11:12वर्ज्यम् · 23:54 – 01:18गुरु · 07:13 – 08:07मंगल · 08:07 – 09:00सूर्य · 09:00 – 09:53शुक्र · 09:53 – 10:46बुध · 10:46 – 11:39चंद्र · 11:39 – 12:32शनि · 12:32 – 13:25गुरु · 13:25 – 14:18मंगल · 14:18 – 15:11सूर्य · 15:11 – 16:04शुक्र · 16:04 – 16:57बुध · 16:57 – 17:50चंद्र · 17:50 – 18:57शनि · 18:57 – 20:04गुरु · 20:04 – 21:11मंगल · 21:11 – 22:18सूर्य · 22:18 – 23:25शुक्र · 23:25 – 00:32बुध · 00:32 – 01:39चंद्र · 01:39 – 02:46शनि · 02:46 – 03:52गुरु · 03:52 – 04:59मंगल · 04:59 – 06:06सूर्य · 06:06 – 07:13

21 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
07:13
08:33
09:53
11:12
12:32
13:52
15:11
16:31

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:50
19:31
21:11
22:51
00:32
02:12
03:52
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
07:13
08:33
09:53
11:12
12:32
13:52
15:11
16:31

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:50
19:31
21:11
22:51
00:32
02:12
03:52
05:33
05:26–06:20
12:11–12:53
13:52–15:11
07:13–08:33
09:53–11:12
23:54–01:18

दिन के होरा

12·53 मि
07:13
08:07
09:00
09:53
10:46
11:39
12:32
13:25
14:18
15:11
16:04
16:57

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:50
18:57
20:04
21:11
22:18
23:25
00:32
01:39
02:46
03:52
04:59
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
21 जनवरी 2027 को शुक्ल चतुर्दशी तिथि 21:30 तक है, फिर पूर्णिमा आरंभ होती है।
21 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
21 जनवरी 2027 को नक्षत्र आर्द्रा और योग वैधृति है।
21 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है।
21 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:52 से 15:11 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।