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शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन वसंत पंचमी है। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। चन्द्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर उत्तर भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:11 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 11:13 से 12:33 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

इस दिन के पर्व

शुक्रवार, 23 जनवरी

वसंत पंचमी

पूर्वाह्न07:13 – 12:33

सरस्वती पूजन पूर्वाह्न में, पंचमी तिथि रहते किया जाता है।

ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित। विद्यार्थी पुस्तकें और वाद्ययंत्र देवी के सामने रखते हैं; वसंत के आगमन में पीले वस्त्र पहने जाते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      02:28 से अगले दिन 01:46 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 14:27 से 14:33 तक

    • फिर

      उत्तर भाद्रपदा

      14:33 – अगले दिन 14:16

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      पिछले दिन 17:37 से 15:59 तक

    • फिर

      शिव

      15:59 – अगले दिन 14:01

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      02:28 से 14:10 तक

    • फिर

      बालव

      14:10 – अगले दिन 01:46

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · शुक्र

00061218चल · 07:13 – 08:33लाभ · 08:33 – 09:53अमृत · 09:53 – 11:13काल · 11:13 – 12:33शुभ · 12:33 – 13:53रोग · 13:53 – 15:12उद्वेग · 15:12 – 16:32चल · 16:32 – 17:52रोग · 17:52 – 19:32काल · 19:32 – 21:12लाभ · 21:12 – 22:52उद्वेग · 22:52 – 00:32शुभ · 00:32 – 02:12अमृत · 02:12 – 03:52चल · 03:52 – 05:32रोग · 05:32 – 07:12सुख · 07:13 – 08:33चोर · 08:33 – 09:53उद्योग · 09:53 – 11:13विष · 11:13 – 12:33अमृत · 12:33 – 13:53रोग · 13:53 – 15:12लाभ · 15:12 – 16:32धन · 16:32 – 17:52रोग · 17:52 – 19:32लाभ · 19:32 – 21:12धन · 21:12 – 22:52सुख · 22:52 – 00:32चोर · 00:32 – 02:12उद्योग · 02:12 – 03:52विष · 03:52 – 05:32अमृत · 05:32 – 07:12ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:19अभिजित मुहूर्त · 12:11 – 12:54अमृत काल · 06:31 – 08:07राहु काल · 11:13 – 12:33यमगण्ड काल · 15:12 – 16:32गुलिक काल · 08:33 – 09:53वर्ज्यम् · 00:02 – 01:37शुक्र · 07:13 – 08:06बुध · 08:06 – 08:59चंद्र · 08:59 – 09:53शनि · 09:53 – 10:46गुरु · 10:46 – 11:39मंगल · 11:39 – 12:33सूर्य · 12:33 – 13:26शुक्र · 13:26 – 14:19बुध · 14:19 – 15:12चंद्र · 15:12 – 16:06शनि · 16:06 – 16:59गुरु · 16:59 – 17:52मंगल · 17:52 – 18:59सूर्य · 18:59 – 20:06शुक्र · 20:06 – 21:12बुध · 21:12 – 22:19चंद्र · 22:19 – 23:26शनि · 23:26 – 00:32गुरु · 00:32 – 01:39मंगल · 01:39 – 02:46सूर्य · 02:46 – 03:52शुक्र · 03:52 – 04:59बुध · 04:59 – 06:06चंद्र · 06:06 – 07:12

23 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
07:13
08:33
09:53
11:13
12:33
13:53
15:12
16:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:52
19:32
21:12
22:52
00:32
02:12
03:52
05:32

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
07:13
08:33
09:53
11:13
12:33
13:53
15:12
16:32

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:52
19:32
21:12
22:52
00:32
02:12
03:52
05:32
05:26–06:19
12:11–12:54
06:31–08:07
11:13–12:33
15:12–16:32
08:33–09:53
00:02–01:37

दिन के होरा

12·53 मि
07:13
08:06
08:59
09:53
10:46
11:39
12:33
13:26
14:19
15:12
16:06
16:59

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:52
18:59
20:06
21:12
22:19
23:26
00:32
01:39
02:46
03:52
04:59
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
23 जनवरी 2026 को शुक्ल पंचमी तिथि 24 जनवरी 01:46 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
23 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
23 जनवरी 2026 को नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग परिघ है।
23 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है।
23 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:13 से 12:33 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।