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सोमवार, 25 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। तृतीया तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 08:32 से 09:53 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

इस दिन के पर्व

सोमवार, 25 जनवरी

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय21:12

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 10:57 से 08:10 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      08:10 – अगले दिन 06:00

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 1

      02:41 से अगले दिन 01:03 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शोभन

      02:03 से 22:54 तक

    • फिर

      अतिगण्ड

      22:54 – अगले दिन 20:18

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 21:30 से 08:10 तक

    • फिर

      बव

      08:10 – 19:00

    • फिर

      बालव

      19:00 – अगले दिन 06:00

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · सोम

00061218अमृत · 07:12 – 08:32काल · 08:32 – 09:53शुभ · 09:53 – 11:13रोग · 11:13 – 12:33उद्वेग · 12:33 – 13:53चल · 13:53 – 15:13लाभ · 15:13 – 16:34अमृत · 16:34 – 17:54चल · 17:54 – 19:34रोग · 19:34 – 21:13काल · 21:13 – 22:53लाभ · 22:53 – 00:33उद्वेग · 00:33 – 02:13शुभ · 02:13 – 03:52अमृत · 03:52 – 05:32चल · 05:32 – 07:12अमृत · 07:12 – 08:32विष · 08:32 – 09:53रोग · 09:53 – 11:13लाभ · 11:13 – 12:33धन · 12:33 – 13:53सुख · 13:53 – 15:13चोर · 15:13 – 16:34उद्योग · 16:34 – 17:54सुख · 17:54 – 19:34चोर · 19:34 – 21:13उद्योग · 21:13 – 22:53अमृत · 22:53 – 00:33विष · 00:33 – 02:13रोग · 02:13 – 03:52लाभ · 03:52 – 05:32धन · 05:32 – 07:12ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:19अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:54अमृत काल · 19:05 – 20:34राहु काल · 08:32 – 09:53यमगण्ड काल · 11:13 – 12:33गुलिक काल · 13:53 – 15:13वर्ज्यम् · 10:08 – 11:38चंद्र · 07:12 – 08:06शनि · 08:06 – 08:59गुरु · 08:59 – 09:53मंगल · 09:53 – 10:46सूर्य · 10:46 – 11:40शुक्र · 11:40 – 12:33बुध · 12:33 – 13:26चंद्र · 13:26 – 14:20शनि · 14:20 – 15:13गुरु · 15:13 – 16:07मंगल · 16:07 – 17:00सूर्य · 17:00 – 17:54शुक्र · 17:54 – 19:00बुध · 19:00 – 20:07चंद्र · 20:07 – 21:13शनि · 21:13 – 22:20गुरु · 22:20 – 23:26मंगल · 23:26 – 00:33सूर्य · 00:33 – 01:39शुक्र · 01:39 – 02:46बुध · 02:46 – 03:52चंद्र · 03:52 – 04:59शनि · 04:59 – 06:05गुरु · 06:05 – 07:12

25 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
07:12
08:32
09:53
11:13
12:33
13:53
15:13
16:34

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:54
19:34
21:13
22:53
00:33
02:13
03:52
05:32

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
07:12
08:32
09:53
11:13
12:33
13:53
15:13
16:34

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:54
19:34
21:13
22:53
00:33
02:13
03:52
05:32
05:26–06:19
12:12–12:54
19:05–20:34
08:32–09:53
11:13–12:33
13:53–15:13
10:08–11:38

दिन के होरा

12·53 मि
07:12
08:06
08:59
09:53
10:46
11:40
12:33
13:26
14:20
15:13
16:07
17:00

रात के होरा

12·1 घं 6 मि
17:54
19:00
20:07
21:13
22:20
23:26
00:33
01:39
02:46
03:52
04:59
06:05

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
25 जनवरी 2027 को कृष्ण तृतीया तिथि 08:10 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
25 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
25 जनवरी 2027 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग शोभन है।
25 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है।
25 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:32 से 09:53 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।