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सोमवार, 4 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। द्वादशी तिथि शाम तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:05 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 08:32 से 09:50 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 16:08 से 18:16 तक

    • फिर

      कृष्ण त्रयोदशी

      18:16 – अगले दिन 20:39

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 2

      पिछले दिन 21:37 से अगले दिन 00:15 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शूल

      पिछले दिन 11:37 से 12:03 तक

    • फिर

      गण्ड

      12:03 – अगले दिन 12:43

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      05:09 से 18:16 तक

    • फिर

      गर

      18:16 – अगले दिन 07:26

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · सोम

00061218अमृत · 07:14 – 08:32काल · 08:32 – 09:50शुभ · 09:50 – 11:08रोग · 11:08 – 12:25उद्वेग · 12:25 – 13:43चल · 13:43 – 15:01लाभ · 15:01 – 16:19अमृत · 16:19 – 17:37चल · 17:37 – 19:19रोग · 19:19 – 21:01काल · 21:01 – 22:43लाभ · 22:43 – 00:26उद्वेग · 00:26 – 02:08शुभ · 02:08 – 03:50अमृत · 03:50 – 05:32चल · 05:32 – 07:14अमृत · 07:14 – 08:32विष · 08:32 – 09:50रोग · 09:50 – 11:08लाभ · 11:08 – 12:25धन · 12:25 – 13:43सुख · 13:43 – 15:01चोर · 15:01 – 16:19उद्योग · 16:19 – 17:37सुख · 17:37 – 19:19चोर · 19:19 – 21:01उद्योग · 21:01 – 22:43अमृत · 22:43 – 00:26विष · 00:26 – 02:08रोग · 02:08 – 03:50लाभ · 03:50 – 05:32धन · 05:32 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:25 – 06:19अभिजित मुहूर्त · 12:05 – 12:46अमृत काल · 12:42 – 14:29राहु काल · 08:32 – 09:50यमगण्ड काल · 11:08 – 12:25गुलिक काल · 13:43 – 15:01वर्ज्यम् · 06:31 – 08:18चंद्र · 07:14 – 08:06शनि · 08:06 – 08:58गुरु · 08:58 – 09:50मंगल · 09:50 – 10:42सूर्य · 10:42 – 11:34शुक्र · 11:34 – 12:25बुध · 12:25 – 13:17चंद्र · 13:17 – 14:09शनि · 14:09 – 15:01गुरु · 15:01 – 15:53मंगल · 15:53 – 16:45सूर्य · 16:45 – 17:37शुक्र · 17:37 – 18:45बुध · 18:45 – 19:53चंद्र · 19:53 – 21:01शनि · 21:01 – 22:09गुरु · 22:09 – 23:17मंगल · 23:17 – 00:26सूर्य · 00:26 – 01:34शुक्र · 01:34 – 02:42बुध · 02:42 – 03:50चंद्र · 03:50 – 04:58शनि · 04:58 – 06:06गुरु · 06:06 – 07:14

4 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:25
13:43
15:01
16:19

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:37
19:19
21:01
22:43
00:26
02:08
03:50
05:32

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:25
13:43
15:01
16:19

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:37
19:19
21:01
22:43
00:26
02:08
03:50
05:32
05:25–06:19
12:05–12:46
12:42–14:29
08:32–09:50
11:08–12:25
13:43–15:01
06:31–08:18

दिन के होरा

12·52 मि
07:14
08:06
08:58
09:50
10:42
11:34
12:25
13:17
14:09
15:01
15:53
16:45

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:37
18:45
19:53
21:01
22:09
23:17
00:26
01:34
02:42
03:50
04:58
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
4 जनवरी 2027 को कृष्ण द्वादशी तिथि 18:16 तक है, फिर कृष्ण त्रयोदशी आरंभ होती है।
4 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
4 जनवरी 2027 को नक्षत्र अनुराधा और योग शूल है।
4 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है।
4 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:32 से 09:50 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।