रविवार, 7 जनवरी 2024
दैनिक पंचांग
रविवार, कृष्ण पक्ष। सफला एकादशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में रात तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 16:21 से 17:39 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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सफला एकादशी
00:42 से अगले दिन 00:46 तक
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
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रविवार
रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
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विशाखा
पिछले दिन 21:23 से 22:08 तक
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फिर
अनुराधा
22:08 – अगले दिन 22:03
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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शूल
06:09 से अगले दिन 04:52 तक
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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बव
00:42 से 12:50 तक
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फिर
बालव
12:50 – अगले दिन 00:46
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · रवि
7 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:51 | ||
| 09:5111:09 | ||
| 11:0912:27 | ||
| 12:2713:45 | ||
| 13:4515:03 | ||
| 15:0316:21 | ||
| 16:2117:39 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 42 मि| 17:3919:21 | ||
| 19:2121:03 | ||
| 21:0322:45 | ||
| 22:4500:27 | ||
| 00:2702:09 | ||
| 02:0903:51 | ||
| 03:5105:33 | ||
| 05:3307:15 |
दिन का गौरी
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:51 | ||
| 09:5111:09 | ||
| 11:0912:27 | ||
| 12:2713:45 | ||
| 13:4515:03 | ||
| 15:0316:21 | ||
| 16:2117:39 |
रात का गौरी
8·1 घं 42 मि| 17:3919:21 | ||
| 19:2121:03 | ||
| 21:0322:45 | ||
| 22:4500:27 | ||
| 00:2702:09 | ||
| 02:0903:51 | ||
| 03:5105:33 | ||
| 05:3307:15 |
| 05:26–06:20 | ||
| 12:06–12:48 | ||
| 13:03–14:42 | ||
| 16:21–17:39 | ||
| 12:27–13:45 | ||
| 15:03–16:21 | ||
| 02:07–03:43 |
दिन के होरा
12·52 मि| 07:1408:06 | ||
| 08:0608:59 | ||
| 08:5909:51 | ||
| 09:5110:43 | ||
| 10:4311:35 | ||
| 11:3512:27 | ||
| 12:2713:19 | ||
| 13:1914:11 | ||
| 14:1115:03 | ||
| 15:0315:55 | ||
| 15:5516:47 | ||
| 16:4717:39 |
रात के होरा
12·1 घं 8 मि| 17:3918:47 | ||
| 18:4719:55 | ||
| 19:5521:03 | ||
| 21:0322:11 | ||
| 22:1123:19 | ||
| 23:1900:27 | ||
| 00:2701:35 | ||
| 01:3502:43 | ||
| 02:4303:51 | ||
| 03:5104:59 | ||
| 04:5906:07 | ||
| 06:0707:15 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 7 जनवरी 2024 को सफला एकादशी तिथि 8 जनवरी 00:46 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
- 7 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 7 जनवरी 2024 को नक्षत्र विशाखा और योग शूल है।
- 7 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है।
- 7 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 16:21 से 17:39 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



