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शुक्रवार, 8 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 11:09 से 12:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों धनु राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      01:54 से अगले दिन 04:33 तक

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 06:08 से 09:13 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      09:13 – अगले दिन 12:16

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 14:26 से 15:22 तक

    • फिर

      हर्षण

      15:22 – अगले दिन 16:15

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • किंस्तुघ्न

      01:54 से 15:14 तक

    • फिर

      बव

      15:14 – अगले दिन 04:33

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · शुक्र

00061218चल · 07:15 – 08:33लाभ · 08:33 – 09:51अमृत · 09:51 – 11:09काल · 11:09 – 12:27शुभ · 12:27 – 13:45रोग · 13:45 – 15:04उद्वेग · 15:04 – 16:22चल · 16:22 – 17:40रोग · 17:40 – 19:22काल · 19:22 – 21:04लाभ · 21:04 – 22:45उद्वेग · 22:45 – 00:27शुभ · 00:27 – 02:09अमृत · 02:09 – 03:51चल · 03:51 – 05:33रोग · 05:33 – 07:15सुख · 07:15 – 08:33चोर · 08:33 – 09:51उद्योग · 09:51 – 11:09विष · 11:09 – 12:27अमृत · 12:27 – 13:45रोग · 13:45 – 15:04लाभ · 15:04 – 16:22धन · 16:22 – 17:40रोग · 17:40 – 19:22लाभ · 19:22 – 21:04धन · 21:04 – 22:45सुख · 22:45 – 00:27चोर · 00:27 – 02:09उद्योग · 02:09 – 03:51विष · 03:51 – 05:33अमृत · 05:33 – 07:15ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:06 – 12:48अमृत काल · 05:03 – 06:51राहु काल · 11:09 – 12:27यमगण्ड काल · 15:04 – 16:22गुलिक काल · 08:33 – 09:51वर्ज्यम् · 18:14 – 20:02शुक्र · 07:15 – 08:07बुध · 08:07 – 08:59चंद्र · 08:59 – 09:51शनि · 09:51 – 10:43गुरु · 10:43 – 11:35मंगल · 11:35 – 12:27सूर्य · 12:27 – 13:19शुक्र · 13:19 – 14:11बुध · 14:11 – 15:04चंद्र · 15:04 – 15:56शनि · 15:56 – 16:48गुरु · 16:48 – 17:40मंगल · 17:40 – 18:48सूर्य · 18:48 – 19:56शुक्र · 19:56 – 21:04बुध · 21:04 – 22:11चंद्र · 22:11 – 23:19शनि · 23:19 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:35मंगल · 01:35 – 02:43सूर्य · 02:43 – 03:51शुक्र · 03:51 – 04:59बुध · 04:59 – 06:07चंद्र · 06:07 – 07:15

8 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:09
12:27
13:45
15:04
16:22

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:40
19:22
21:04
22:45
00:27
02:09
03:51
05:33

दिन का गौरी

8·1 घं 18 मि
07:15
08:33
09:51
11:09
12:27
13:45
15:04
16:22

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:40
19:22
21:04
22:45
00:27
02:09
03:51
05:33
05:26–06:20
12:06–12:48
05:03–06:51
11:09–12:27
15:04–16:22
08:33–09:51
18:14–20:02

दिन के होरा

12·52 मि
07:15
08:07
08:59
09:51
10:43
11:35
12:27
13:19
14:11
15:04
15:56
16:48

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:40
18:48
19:56
21:04
22:11
23:19
00:27
01:35
02:43
03:51
04:59
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
8 जनवरी 2027 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 9 जनवरी 04:33 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
8 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
8 जनवरी 2027 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग व्याघात है।
8 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है।
8 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:09 से 12:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।