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सोमवार, 1 जुलाई 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर योगिनी एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर भरणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:52 तक शुभ है; राहु काल 07:11 से 08:56 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 12:19 से 10:26 तक

    • फिर

      योगिनी एकादशी

      10:26 – अगले दिन 08:42

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 07:34 से 06:26 तक

    • फिर

      भरणी

      06:26 – अगले दिन 05:27

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 16:14 से 13:41 तक

    • फिर

      धृति

      13:41 – अगले दिन 11:16

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:22 से 10:26 तक

    • फिर

      बव

      10:26 – 21:33

    • फिर

      बालव

      21:33 – अगले दिन 08:42

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · सोम

00061218अमृत · 05:27 – 07:11काल · 07:11 – 08:56शुभ · 08:56 – 10:40रोग · 10:40 – 12:25उद्वेग · 12:25 – 14:09चल · 14:09 – 15:54लाभ · 15:54 – 17:38अमृत · 17:38 – 19:23चल · 19:23 – 20:38रोग · 20:38 – 21:54काल · 21:54 – 23:09लाभ · 23:09 – 00:25उद्वेग · 00:25 – 01:40शुभ · 01:40 – 02:56अमृत · 02:56 – 04:11चल · 04:11 – 05:27अमृत · 05:27 – 07:11विष · 07:11 – 08:56रोग · 08:56 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:25धन · 12:25 – 14:09सुख · 14:09 – 15:54चोर · 15:54 – 17:38उद्योग · 17:38 – 19:23सुख · 19:23 – 20:38चोर · 20:38 – 21:54उद्योग · 21:54 – 23:09अमृत · 23:09 – 00:25विष · 00:25 – 01:40रोग · 01:40 – 02:56लाभ · 02:56 – 04:11धन · 04:11 – 05:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:06 – 04:46अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:52अमृत काल · 00:51 – 02:23राहु काल · 07:11 – 08:56यमगण्ड काल · 10:40 – 12:25गुलिक काल · 14:09 – 15:54वर्ज्यम् · 15:38 – 17:10चंद्र · 05:27 – 06:36शनि · 06:36 – 07:46गुरु · 07:46 – 08:56मंगल · 08:56 – 10:05सूर्य · 10:05 – 11:15शुक्र · 11:15 – 12:25बुध · 12:25 – 13:34चंद्र · 13:34 – 14:44शनि · 14:44 – 15:54गुरु · 15:54 – 17:03मंगल · 17:03 – 18:13सूर्य · 18:13 – 19:23शुक्र · 19:23 – 20:13बुध · 20:13 – 21:03चंद्र · 21:03 – 21:54शनि · 21:54 – 22:44गुरु · 22:44 – 23:34मंगल · 23:34 – 00:25सूर्य · 00:25 – 01:15शुक्र · 01:15 – 02:05बुध · 02:05 – 02:56चंद्र · 02:56 – 03:46शनि · 03:46 – 04:37गुरु · 04:37 – 05:27

1 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:27
07:11
08:56
10:40
12:25
14:09
15:54
17:38

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:23
20:38
21:54
23:09
00:25
01:40
02:56
04:11

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:27
07:11
08:56
10:40
12:25
14:09
15:54
17:38

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:23
20:38
21:54
23:09
00:25
01:40
02:56
04:11
04:06–04:46
11:57–12:52
00:51–02:23
07:11–08:56
10:40–12:25
14:09–15:54
15:38–17:10

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:27
06:36
07:46
08:56
10:05
11:15
12:25
13:34
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के होरा

12·50 मि
19:23
20:13
21:03
21:54
22:44
23:34
00:25
01:15
02:05
02:56
03:46
04:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
1 जुलाई 2024 को कृष्ण दशमी तिथि 10:26 तक है, फिर योगिनी एकादशी आरंभ होती है।
1 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
1 जुलाई 2024 को नक्षत्र अश्विनी और योग सुकर्मा है।
1 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है।
1 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:11 से 08:56 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।