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सोमवार, 12 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में रात तक है, फिर विशाखा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 07:15 से 08:59 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 11:50 से 11:41 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      11:41 – अगले दिन 12:09

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति

      पिछले दिन 23:05 से 23:56 तक

    • फिर

      विशाखा

      23:56 – अगले दिन 01:22

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सिद्ध

      पिछले दिन 14:36 से 13:32 तक

    • फिर

      साध्य

      13:32 – अगले दिन 12:57

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:40 से 11:41 तक

    • फिर

      तैतिल

      11:41 – 23:50

    • फिर

      गर

      23:50 – अगले दिन 12:09

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · सोम

00061218अमृत · 05:31 – 07:15काल · 07:15 – 08:59शुभ · 08:59 – 10:42रोग · 10:42 – 12:26उद्वेग · 12:26 – 14:10चल · 14:10 – 15:54लाभ · 15:54 – 17:38अमृत · 17:38 – 19:21चल · 19:21 – 20:38रोग · 20:38 – 21:54काल · 21:54 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:26उद्वेग · 00:26 – 01:43शुभ · 01:43 – 02:59अमृत · 02:59 – 04:15चल · 04:15 – 05:32अमृत · 05:31 – 07:15विष · 07:15 – 08:59रोग · 08:59 – 10:42लाभ · 10:42 – 12:26धन · 12:26 – 14:10सुख · 14:10 – 15:54चोर · 15:54 – 17:38उद्योग · 17:38 – 19:21सुख · 19:21 – 20:38चोर · 20:38 – 21:54उद्योग · 21:54 – 23:10अमृत · 23:10 – 00:26विष · 00:26 – 01:43रोग · 01:43 – 02:59लाभ · 02:59 – 04:15धन · 04:15 – 05:32ब्रह्म मुहूर्त · 04:10 – 04:50अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:54अमृत काल · 14:49 – 16:29राहु काल · 07:15 – 08:59यमगण्ड काल · 10:42 – 12:26गुलिक काल · 14:10 – 15:54वर्ज्यम् · 04:53 – 06:32चंद्र · 05:31 – 06:40शनि · 06:40 – 07:49गुरु · 07:49 – 08:59मंगल · 08:59 – 10:08सूर्य · 10:08 – 11:17शुक्र · 11:17 – 12:26बुध · 12:26 – 13:35चंद्र · 13:35 – 14:45शनि · 14:45 – 15:54गुरु · 15:54 – 17:03मंगल · 17:03 – 18:12सूर्य · 18:12 – 19:21शुक्र · 19:21 – 20:12बुध · 20:12 – 21:03चंद्र · 21:03 – 21:54शनि · 21:54 – 22:45गुरु · 22:45 – 23:36मंगल · 23:36 – 00:26सूर्य · 00:26 – 01:17शुक्र · 01:17 – 02:08बुध · 02:08 – 02:59चंद्र · 02:59 – 03:50शनि · 03:50 – 04:41गुरु · 04:41 – 05:32

12 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:31
07:15
08:59
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:21
20:38
21:54
23:10
00:26
01:43
02:59
04:15

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:31
07:15
08:59
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:21
20:38
21:54
23:10
00:26
01:43
02:59
04:15
04:10–04:50
11:59–12:54
14:49–16:29
07:15–08:59
10:42–12:26
14:10–15:54
04:53–06:32

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:31
06:40
07:49
08:59
10:08
11:17
12:26
13:35
14:45
15:54
17:03
18:12

रात के होरा

12·51 मि
19:21
20:12
21:03
21:54
22:45
23:36
00:26
01:17
02:08
02:59
03:50
04:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
12 जुलाई 2027 को शुक्ल नवमी तिथि 11:41 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
12 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
12 जुलाई 2027 को नक्षत्र स्वाति और योग सिद्ध है।
12 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है।
12 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:15 से 08:59 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।