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मंगलवार, 14 जुलाई 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि दोपहर तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पुष्य में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 15:54 से 17:37 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मिथुन राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 18:49 से 15:13 तक

    • फिर

      शुक्ल प्रतिपदा

      15:13 – अगले दिन 11:51

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु · पाद 1

      02:51 से अगले दिन 00:09 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • व्याघात

      पिछले दिन 16:00 से 11:57 तक

    • फिर

      हर्षण

      11:57 – अगले दिन 08:04

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • नाग

      05:00 से 15:13 तक

    • फिर

      किंस्तुघ्न

      15:13 – अगले दिन 01:30

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · मंगल

00061218रोग · 05:32 – 07:16उद्वेग · 07:16 – 08:59चल · 08:59 – 10:43लाभ · 10:43 – 12:26अमृत · 12:26 – 14:10काल · 14:10 – 15:54शुभ · 15:54 – 17:37रोग · 17:37 – 19:21काल · 19:21 – 20:37लाभ · 20:37 – 21:54उद्वेग · 21:54 – 23:10शुभ · 23:10 – 00:27अमृत · 00:27 – 01:43चल · 01:43 – 03:00रोग · 03:00 – 04:16काल · 04:16 – 05:33रोग · 05:32 – 07:16लाभ · 07:16 – 08:59धन · 08:59 – 10:43सुख · 10:43 – 12:26चोर · 12:26 – 14:10उद्योग · 14:10 – 15:54विष · 15:54 – 17:37अमृत · 17:37 – 19:21चोर · 19:21 – 20:37उद्योग · 20:37 – 21:54विष · 21:54 – 23:10अमृत · 23:10 – 00:27रोग · 00:27 – 01:43लाभ · 01:43 – 03:00धन · 03:00 – 04:16सुख · 04:16 – 05:33ब्रह्म मुहूर्त · 04:11 – 04:51अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:54अमृत काल · 22:02 – 23:27राहु काल · 15:54 – 17:37यमगण्ड काल · 08:59 – 10:43गुलिक काल · 12:26 – 14:10वर्ज्यम् · 13:30 – 14:56मंगल · 05:32 – 06:41सूर्य · 06:41 – 07:50शुक्र · 07:50 – 08:59बुध · 08:59 – 10:08चंद्र · 10:08 – 11:17शनि · 11:17 – 12:26गुरु · 12:26 – 13:35मंगल · 13:35 – 14:45सूर्य · 14:45 – 15:54शुक्र · 15:54 – 17:03बुध · 17:03 – 18:12चंद्र · 18:12 – 19:21शनि · 19:21 – 20:12गुरु · 20:12 – 21:03मंगल · 21:03 – 21:54सूर्य · 21:54 – 22:45शुक्र · 22:45 – 23:36बुध · 23:36 – 00:27चंद्र · 00:27 – 01:18शनि · 01:18 – 02:09गुरु · 02:09 – 03:00मंगल · 03:00 – 03:51सूर्य · 03:51 – 04:42शुक्र · 04:42 – 05:33

14 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:32
07:16
08:59
10:43
12:26
14:10
15:54
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:21
20:37
21:54
23:10
00:27
01:43
03:00
04:16

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:32
07:16
08:59
10:43
12:26
14:10
15:54
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:21
20:37
21:54
23:10
00:27
01:43
03:00
04:16
04:11–04:51
11:59–12:54
22:02–23:27
15:54–17:37
08:59–10:43
12:26–14:10
13:30–14:56

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:32
06:41
07:50
08:59
10:08
11:17
12:26
13:35
14:45
15:54
17:03
18:12

रात के होरा

12·51 मि
19:21
20:12
21:03
21:54
22:45
23:36
00:27
01:18
02:09
03:00
03:51
04:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
14 जुलाई 2026 को अमावस्या तिथि 15:13 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
14 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
14 जुलाई 2026 को नक्षत्र पुनर्वसु और योग व्याघात है।
14 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है।
14 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:54 से 17:37 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।