मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 16 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि शाम तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में तड़के तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 10:43 से 12:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल त्रयोदशी

      पिछले दिन 14:40 से 16:35 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्दशी

      16:35 – अगले दिन 18:48

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 03:18 से 05:39 तक

    • फिर

      मूल

      05:39 – अगले दिन 08:21

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 13:03 से 13:35 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      13:35 – अगले दिन 14:23

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      03:35 से 16:35 तक

    • फिर

      गर

      16:35 – अगले दिन 05:39

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल त्रयोदशी · शुक्र

00061218चल · 05:33 – 07:16लाभ · 07:16 – 09:00अमृत · 09:00 – 10:43काल · 10:43 – 12:27शुभ · 12:27 – 14:10रोग · 14:10 – 15:53उद्वेग · 15:53 – 17:37चल · 17:37 – 19:20रोग · 19:20 – 20:37काल · 20:37 – 21:53लाभ · 21:53 – 23:10उद्वेग · 23:10 – 00:27शुभ · 00:27 – 01:44अमृत · 01:44 – 03:00चल · 03:00 – 04:17रोग · 04:17 – 05:34सुख · 05:33 – 07:16चोर · 07:16 – 09:00उद्योग · 09:00 – 10:43विष · 10:43 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:10रोग · 14:10 – 15:53लाभ · 15:53 – 17:37धन · 17:37 – 19:20रोग · 19:20 – 20:37लाभ · 20:37 – 21:53धन · 21:53 – 23:10सुख · 23:10 – 00:27चोर · 00:27 – 01:44उद्योग · 01:44 – 03:00विष · 03:00 – 04:17अमृत · 04:17 – 05:34ब्रह्म मुहूर्त · 04:11 – 04:52अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:54अमृत काल · 01:14 – 03:01राहु काल · 10:43 – 12:27यमगण्ड काल · 15:53 – 17:37गुलिक काल · 07:16 – 09:00शुक्र · 05:33 – 06:42बुध · 06:42 – 07:51चंद्र · 07:51 – 09:00शनि · 09:00 – 10:09गुरु · 10:09 – 11:18मंगल · 11:18 – 12:27सूर्य · 12:27 – 13:36शुक्र · 13:36 – 14:44बुध · 14:44 – 15:53चंद्र · 15:53 – 17:02शनि · 17:02 – 18:11गुरु · 18:11 – 19:20मंगल · 19:20 – 20:11सूर्य · 20:11 – 21:02शुक्र · 21:02 – 21:53बुध · 21:53 – 22:45चंद्र · 22:45 – 23:36शनि · 23:36 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:18मंगल · 01:18 – 02:09सूर्य · 02:09 – 03:00शुक्र · 03:00 – 03:51बुध · 03:51 – 04:42चंद्र · 04:42 – 05:34

16 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:33
07:16
09:00
10:43
12:27
14:10
15:53
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:20
20:37
21:53
23:10
00:27
01:44
03:00
04:17

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:33
07:16
09:00
10:43
12:27
14:10
15:53
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:20
20:37
21:53
23:10
00:27
01:44
03:00
04:17
04:11–04:52
11:59–12:54
01:14–03:01
10:43–12:27
15:53–17:37
07:16–09:00

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:33
06:42
07:51
09:00
10:09
11:18
12:27
13:36
14:44
15:53
17:02
18:11

रात के होरा

12·51 मि
19:20
20:11
21:02
21:53
22:45
23:36
00:27
01:18
02:09
03:00
03:51
04:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
16 जुलाई 2027 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 16:35 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
16 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
16 जुलाई 2027 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग ब्रह्म है।
16 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है।
16 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:43 से 12:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।